Chakan MIDC High Level Committee: पुणे के चाकण एमआईडीसी क्षेत्र में में ट्रैफिक जाम, सड़कों की खराब हालत और वहां की लंबित शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सीएम देवेंद्र फडणवीस ने इसके समाधान के लिए एक हाई लेवल कमेटी का गठन किया है। पुणे डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर जितेंद्र डूडी की अध्यक्षता में गठित इस कमेटी में पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस कमिश्नर, एमआईडीसी, पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट, पीएमआरडीए, एमएसआरडीसी, पुणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन और इंडस्ट्री एसोसिएशन के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है।
यह कमेटी चाकण इलाके में सड़क की मरम्मत, गड्ढे भरने, ट्रैफिक जाम कम करने, सर्विस रोड, पार्किंग, सिग्नल सिस्टम, भारी गाड़ियों के लिए प्लानिंग और एक इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट प्लान तैयार करने पर फोकस करेगी।
हाल ही में राकां अध्यक्ष शरद पवार ने चाकण औद्योगिक क्षेत्र में खराब सड़कों, पानी की किल्लत और ट्रैफिक जाम की समस्याओं पर चिंता जताई। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि इन असुविधाओं के कारण 2,000 से अधिक कर्मचारियों वाली 20 कंपनियां यहां से पलायन करने पर विचार कर रही है।
इसके बाद सीएम फडणवीस ने इसे गंभीरता से लेते हुए यहां की समस्याओं के समाधान के लिए हाई लेवल कमेटी का गठन किया है। उन्होंने विश्वास दिलाया है कि चाकण क्षेत्र के उद्योगकर्मियों की सभी समस्याओं समाधान निकाला जाएगा और उन्हें वहां से पलायन नहीं करना पड़ेगा।
यूबीटी विधायक आदित्य ठाकरे ने शनिवार को चाकण एमआईडीसी का दौरा कर वहां की खराब सड़कों के अलावा अन्य समस्याओं का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि महायुति सरकार उद्योग को बढ़ावा देने के लिए बड़े बड़े दावे करती -करती है, लेकिन उसे पूरा नहीं किया जा रहा है। चाकण एमआईडीसी की घटिया सड़के इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। आदित्य ने कहा कि महायुति सरकार के मंत्रियों को भी यहां आकर हालात का जायजा लेना चाहिए, इससे पहले राकां विधायक रोहित पवार ने भी चाकण का दौरा कर यहां की समस्याओं को हाईलाइट किया था।
यह कमेटी चाकण औद्योगिक क्षेत्र में अर्जेंट, शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग टर्म उपायों की पहचान करने और उन्हें लागू करने के लिए भी जिम्मेदार होगी
सरकार ने कमेटी द्वारा सुझाए गए कामों को प्राथमिकता के आधार पर 'फास्ट ट्रैक' पर मंजूरी देने का निर्देश दिया है।
सरकार के फैसले की तारीख से दस महीने के अंदर प्लानिंग और लागू करने का लक्ष्य रखा गया है।
डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर ऑफिस में एक 'इंडस्ट्री ग्रीवांस रिड्रेसल सेल' भी बनाया जाएगा। यह सेल अलग-अलग सरकारी डिपार्टमेंट में पेंडिंग इंडस्ट्रीज़ की अप्रूवल, परमिट और सर्विस से जुड़ी शिकायतों को टाइम-बाउंड तरीके से निपटाने का काम करेगी।