

Highlights
पुणे में जून की तुलना में सितंबर में डेंगू के मरीजों की संख्या करीब 6.5 गुना बढ़ी।
सितंबर में 3,98,930 कंटेनरों की जांच हुई, जिनमें 3,348 दूषित पाए गए।
मच्छरों की उत्पत्ति रोकने के लिए 402 नोटिस जारी किए गए और ₹1,45,500 का जुर्माना वसूला गया।
स्वास्थ्य विभाग को सहयोग नहीं करने वाली 600 से अधिक निर्माण साइटों की सूची निर्माण विभाग को सौंपी गई।
कोथरूड, नगर रोड और औंध-बाणेर सहित निर्माण कार्य वाले इलाकों में रोकथाम के उपायों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
Pune construction sites mosquito breeding: पुणे शहर में डेंगू के मरीजों की संख्या सितंबर में इस साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद पुणे मनपा ने मच्छरों की उत्पत्ति पर अंकुश लगाने के लिए निर्माण स्थलों पर निगरानी तेज कर दी है।
पुणे मनपा के कीट नियंत्रण विभाग की सितंबर माह की रिपोर्ट के अनुसार, शहर में 3,348 दूषित कंटेनर पाए गए, जबकि मच्छरों की उत्पत्ति रोकने के लिए 402 नोटिस जारी की गई।
वहीं, स्वास्थ्य विभाग को सहयोग नहीं करने वाली 600 से अधिक कन्स्ट्रक्शन साइट्स की सूची निर्माण विभाग को सौंप दी गई हैं। मनपा ने स्पष्ट किया है कि संबंधित निर्माण स्थलों पर मच्छरों की उत्पत्ति रोकने के लिए आवश्यक प्रतिबंधात्मक उपाय नहीं किए जाने पर जिम्मेदार एजेंसियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
पुणे मनपा के कीट नियंत्रण विभाग ने सितंबर में शहर के 3,98,930 कंटेनरों की जांच की, इनमें 3,348 कंटेनर दूषित पाए गए, इसके अलावा 2,412 घरों
में मच्छरों की उत्पत्ति दर्ज की गई, इस कार्रवाई में 1 लाख 45 हजार 500 रुपये का जुर्माना वसूला गया। धनकवड़ीसहकारनगर क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत सबसे अधिक 599 दूषित घर और 724 दूषित कंटेनर मिले।
कोथरूड में 395 और कोंढवा येवलेवाड़ी में 417 दूषित कंटेनर पाए गए, शहर में फॉगिंग की गई, जबकि 53,212 घरों में कीटनाशक दवाओं का छिड़काव किया गया।
अतिरिक्त आयुक्त पवनीत कौर ने हाल ही में विभिन्न विभागों की समन्वय बैठक कर डेंगू की रोकथाम के लिए आवश्यक उपाय करने के निर्देश दिए, निर्माण स्थलों पर मच्छरों की उत्पत्ति पाए जाने पर पहले नोटिस दिया जाता है।
इसके बावजूद स्थिति में सुधार नहीं होने पर मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट कर संबंधित संस्थान से शुल्क वसूला जाता है। शुल्क भरने से इनकार करने वाली निर्माण एजेंसियों की अलग, सूची तैयार की गई है।
पुणे मनपा के सहायक स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश दिघे ने बताया कि जून की तुलना में सितंबर में डेंगू के मरीजों की संख्या करीब साढ़े छह गुना अधिक रही। हर साल सितंबर में डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ने का रुझान देखा जाता है।
इसके प्रसार को रोकने के लिए गोदामों, पाइपलाइनों और खुले में रखी वस्तुओं में पानी जमा नहीं होने देने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए गए हैं। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि छतों पर रखे पुराने टायर, पेंट के डिब्बे और खाली बर्तन हटा दें।
कूलर, फ्रिज तथा एयर कंडीशनर में भी पानी जमा न होने दें। समय पर सफाई और पानी का उचित निपटारा करके मच्छरों की उत्पत्ति को रोका जा सकता है।
कोथरूड में डेंगू के मरीज अलग-अलग स्थानों पर मिले हैं। कोथरूड के साथ नगर रोड और औंध-बाणेर क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य जारी है। निर्माण स्थलों पर स्लैब की क्यूरिंग के लिए जमा किया गया पानी और लंबे समय तक जमा रहने वाला पानी मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करता है। इसलिए इन क्षेत्रों में रोकथाम के उपायों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
डॉ. राजेश दिघे, सहायक स्वास्थ्य अधिकारी, मनपा