Pune: “हार्ट बनाया तो टायर में डाल दूंगा”, Ajit Pawar का बयान बना चर्चा का विषय

Ajit Pawar : बारामती में दीवारों पर ‘हार्ट’ चिन्ह बनाने वालों को उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि पब्लिक प्रॉपर्टी पर हार्ट बनाते हुए पकड़े गए तो टायर में डाल दूंगा।
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अजित पवार (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Baramati News In Hindi: बारामती विधानसभा क्षेत्र के एक कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने बारामतीकरों को एक सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने दीवारों और फुटपाथों पर 'हार्ट' (दिल का चिन्ह) बनाने वालों को टायर में डालने की बात कहकर नया विवाद खड़ा कर दिया है।

इन दिनों बारामती की दीवारों पर दिल वाले चिन्ह बनाने का प्रचलन बढ़ता जा रहा है। जगह जगह ऐसी तस्वीर बनाए जाने से एक तरफ शहर की दीवारों की शोभा बिगड़ रही है दूसरी तरफ बारामती की स्वच्छता को भी खतरा पहुंच रहा है। अजित पवार के बयान को इसी संदर्भ में देखा जा रहा है। लेकिन जिस भाषा में उन्होंने बयान दिया है अब उसकी आलोचना हो रही है।

क्या बोले अजित पवार ?

उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने अपने खास अंदाज में बारामतीकरों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि बारामती में हार्ट बनाया और अगर वो पकड़ा गया तो उसे टायर में ही डाल दूंगा। दीवारों पर, फुटपाथों पर हार्ट मत बनाते बैठो। मैं अब कैमरे लगाने वाला हूं। पकड़ा गया तो टायर में ही डाल दूंगा।

अजित पवार ने टायर में डालने की भाषा का उपयोग करके यह कड़ा संदेश दिया है कि सार्वजनिक संपत्ति को किसी तरह से खराब करने का प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके पीछे कारण यह है कि शहर में अच्छे विकास कार्य हुए हैं और बेहतरीन गुणवत्ता का सौंदर्याकरण भी हुआ है।

पवार ने यह कड़ी चेतावनी इसलिए दी है ताकि इस सार्वजनिक संपत्ति का अनावश्यक और विकृत तरीके से विरूपण न हो। कैमरे लगाकर ऐसे लोगों पर नजर रखने की घोषणा करके उन्होंने बारामतीकरों को यह चेतावनी दिया है कि उन पर उनकी नजर रहेगी।

DCM पवार के बेबाक बयान

अजित पवार अपने बेबाक बयानों के लिए काफी मशहूर है। वह कार्यकर्ताओं, प्रशासनिक अधिकारियों और यहां तक कि पार्टी के नेताओं को भी कड़े शब्दों में चेतावनी देते हैं। कभी-कभी उनकी यह बेबाकी उन पर भारी भी पड़ जाती है। हाल ही में सोलापुर की एक महिला आईपीएस अचिकारी के साथ अजित पवार की बातचीत का वीडियो काफी वायरल हुआ था। इस पर अजित पवार की आलोचना भी हुई थी। उन्होंने अवैध मुरुम खनन के खिलाफ कार्रवाई कर रहे अधिकारी को धमकाया था। लेकिन बाद में उन्होंने सफाई देते हुए कहा था कि उन्होंने एक कार्यकर्ता की मांग पर कॉल किया था और उन्हें जमीनी हालात की जानकारी नहीं थी।