पुणे मनपा उपायुक्त सहित 3 पर केस, फर्जी मार्कशीट तैयार कर महापालिका से ठगी करने का आरोप

पुणे महानगरपालिका के उपायुक्त सोमनाथ हरिभाऊ बनकर समेत तीन लोगों पर केस दर्ज किया गया है। उन पर फर्जी मार्कशीट तैयार कर महापालिका से ठगी करने का आरोप लगा है।
पुणे मनपा उपायुक्त सहित 3 पर केस, फर्जी मार्कशीट तैयार कर महापालिका से ठगी करने का आरोप
पुणे महानगरपालिका (सोर्स: सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

पुणे: पुणे महानगरपालिका से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। सिक्किम मणिपाल यूनिवर्सिटी की एमबीए की फर्जी डिग्री की मार्कशीट तैयार कर उसे सर्विस बुक में दर्ज करने के लिए देने की जानकारी सामने आई है। इस मामले में तत्कालीन शिक्षणाधिकारी व क्लर्क के साथ देने के आरोप में 3 लोगों पर केस दर्ज किया गया है। पुणे महानगरपालिका के उपायुक्त सोमनाथ हरिभाऊ बनकर, तत्कालीन शिक्षणाधिकारी सुधाकर तांबे और क्लर्क राजेंद्र घारे व अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। सोमनाथ बनकर फिलहाल अतिक्रमण विभाग के उपायुक्त है।

सिक्किम मणिपाल यूनिवर्सिटी से हासिल की फर्जी डिग्री

इस मामले में सामाजिक कार्यकर्ता सुधीर रामचंद्र आल्हाट (54) ने शिवाजीनगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। यह घटना पुणे महापालिका कार्यालय में 1 जनवरी 2008 से जनवरी 2016 के दौरान हुई। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार फिलहाल महापालिका के अतिक्रमण विभाग के उपायुक्त रहे सोमनाथ बनकर 2008 में महानगरपालिका के डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर होस्टल के रेक्टर थे।

इस दौरान उन्होंने सिक्किम मणिपाल यूनिवर्सिटी से 2008 व 2009 के शैक्षणिक वर्ष में एमबीएची की फर्जी डिग्री हासिल की। साथ ही खुद की सर्विस बुक में इसे दर्ज कराया। शिकायत है कि इसमें तत्कालीन शिक्षणाधिकारी सुधाकर तांबे और क्लर्क राजेंद्र घारे ने साथ दिया।

सूचना का अधिकारी के तहत किया था आवेदन

शिकायतकर्ता आल्हाट ने सिक्किम मणिपाल यूनिवर्सिटी में सूचना के अधिकार के तहत आवेदन किया था। 27 दिसंबर 2016 में सिक्किम मणिपाल यूनिवर्सिटी ने बताया कि सोमनाथ बनकर नामक किसी भी विद्यार्थी ने डिग्री नहीं ली है। यह डिग्री फर्जी है। इस मामले की जांच वरिष्ठ निरीक्षक चंद्रशेखर सावंत कर रहे हैं।

शिकायतकर्ता ने की जांच की मांग

क्राइम ब्रांच की जांच में पता चला कि उपायुक्त सोमनाथ बनकर की डिग्री वाकई फर्जी है, जिसके बाद नगर निगम को शिकायत दर्ज कराने के लिए पत्र भेजा गया। एंटी करप्शन ब्यूरो ने भी 21 अप्रैल 2018 को नगर निगम आयुक्त को एक गोपनीय रिपोर्ट सौंपी। इस घटना के बाद शंका पैदा हो गई है कि नगर निगम के अन्य अधिकारियों ने भी फर्जी डिग्री हासिल की होगी। संदिग्ध अधिकारियों की सूची पुलिस को सौंपी गई है। शिकायतकर्ता आल्हाट ने अब फर्जी डिग्री रैकेट और बनकर के धोखे का समर्थन करने वाले अधिकारियों की जांच की मांग कर रहे हैं।
Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com