

पिंपरी: पिंपरी-चिंचवड़ (Pimpri-Chinchwad) में सोन्या तापकीर हत्याकांड में एक नई जानकारी सामने आई है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि सोन्या तापकीर की हत्या के लिए नाबालिगों (Minors) को पिस्तौल (Pistol) चलाने की ट्रेनिंग देकर अंजाम दिया गया था। इस मामले में गिरोह विरोधी पथक ने मास्टरमाइंड करण रतन रोकड़े, ऋत्विक उर्फ मुंग्या रतन रोकड़े और रिंकू दिनेश कुमार को उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) से गिरफ्तार (Arrested) किया है। गंभीर बात यह है कि इसमें नाबालिग बच्चों के शामिल होने की बात सामने आई है।
सोन्या पंसारे ने पिंपरी-चिंचवड़ के चिखली इलाके में दिनदहाड़े नाबालिग बेटे समेत सोन्या तपकीर की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस ने अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस हत्याकांड का मास्टरमाइंड करण रतन रोकड़े फरार था। मास्टरमाइंड करण रतन पर 11 मुकदमे दर्ज हैं। चिखली पुलिस और गिरोह विरोधी पथक उसे तलाश रही था।
गिरोह विरोधी पथक के पुलिस निरीक्षक हरीश माने की टीम को जानकारी मिली कि करण रतन रोकड़े अपने साथियों के साथ उत्तर प्रदेश में रह रहा है। करण रतन रोकड़े, ऋत्विक उर्फ मुंग्या रतन रोकड़े, रिंकू दिनेश कुमार और एक नाबालिग बेटा एक ही इमारत में रहते थे। जैसे ही उसने पुलिस को वहां आते देखा तो उसने पहली मंजिल से छलांग लगा दी और भागने की कोशिश की।
हालांकि, एंटी-गैंगस्टर पुलिस इंस्पेक्टर हरीश माने और उनकी टीम ने फिल्मी स्टाइल में बदमाशों का पीछा किया और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इस हत्या के मामले में अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका हैं। इस मामले में एक गंभीर मुद्दा सामने आया है कि अपराध में नाबालिक बच्चे शामिल हैं। उन्हें चिखली के बैलगाड़ी घाट पर पिस्तौल चलाने की ट्रेनिंग दी गई थी। मामले की जांच में खुलासा हुआ है कि करण रतन रोकड़े ने नाबालिग बच्चों के पीछे इस हत्याकांड को अंजाम दिया।