पुणे फेस्टिवल में मना आजादी का अमृत महोत्सव

Pune Festival
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पुणे: 34वें पुणे फेस्टिवल (Pune Festival) में आजादी का अमृत महोत्सव (Azadi Ka Amrit Mahotsav) विविध रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों (Cultural Programs) के माध्यम से मनाया गया। श्री गणेश कला-क्रीडा रंगमंच पर हुए इस कार्यक्रम में 160 से अधिक कलाकार शामिल हुए।

इस समय हुई सांस्कृतिक प्रस्तुति में 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के हिरो रहे मंगल पांडे, झांसी की रानी लक्ष्मीबाई और तात्या टोपे इन क्रांतिवीरों के बलिदान को संगीतमय प्रस्तुती के माध्यम से बयान किया गया। इस समय नृत्य, संगीत और अभिनय की बेहतरीन प्रस्तुती हुई। इसके अलावा लोकमान्य तिलक, महात्मा गांधी, सुभाषचंद्र बोस, पंडित जवाहरलाल नेहरू समेत विभिन्न क्रांतिकारी और सत्याग्रहियों को भी याद किया गया। ‘भारत माता की जय’ की घोषणाओं से पूरा परिसर गूंज उठा।

अशोक हांडे को किया गया सम्मानित 

आकर्षक संगीत और नेत्रदीपक रोशनी में पेश हुए कार्यक्रम को देखकर उपस्थित लोग मंत्रमुग्ध हो गए। पुणे फेस्टिवल के अध्यक्ष सुरेश कलमाडी के हाथों अशोक हांडे को सम्मानित किया गया। इस समय मीरा कलमाडी, राज्य कांग्रेस उपाध्यक्ष रमेश बागवे, कांग्रेस नेता एड. अभय छाजेड, पुणे फेस्टिवल के उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार गोयल, मुख्य संयोजक डॉ. सतीश देसाई, काका धर्मावत, मोहन  टिल्लू आदि उपस्थित थे।  

हेमा मालिनी का ‘यशोदा कृष्ण’

मशहूर अभिनेत्री, नृत्यांगना और सांसद और पुणे फेस्टिवल की पैट्रन हेमा मालिनी ने फेस्टिवल के तहत ‘यशोदा कृष्णा’ सादर कर रसिकों का मन मोह लिया। हेमा मालिनी के नाट्य विहार कला केंद्र की ओर से इस बैले की निर्मिती की गई है। इस प्रस्तुती में उन्हें 50 सहयोगी कलाकारों ने साथ दी। इस रंगारंग प्रस्तुती में शब्द, सूर, ताल का अनोखा संगम दिखाई दिया। रंगमंच पर हर क्षण बदने वाले प्रसंगों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। दिवंगत संगीतकार रवींद्र जैन के शब्दों और सूरों से सजे इस इस बैले का पार्श्वगायन मशहूर गायक सुरेश वाडकर, कविता कृष्णमूर्ती, रूपकुमार राठोड, पामेला जैन और रवींद्र जैन द्वारा किया गया है। नृत्य निर्देशन भूषण लखांद्री ने किया था।

 कुश्ती प्रतियोगिता का आयोजन

पुणे फेस्टिवल के तहत मैट पर हुई कुश्ती प्रतियोगिता खेल प्रेमियों के आकर्षण का केंद्रबिंदू रही। इस प्रतियोगिता में विभिन्न वजन गुटों में कुल 135 पहलवान शामिल हुए। प्रतियोगिता को खेल प्रेमियों का जमकर प्रतिसाद प्राप्त हुआ। पहवानों के बीच हुई कुश्ती की जंग में विभिन्न नये पैंतरे देखने को मिले।प्रतियोगिता के बाद विजेताओं को पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। पुरस्कार वितरण समारोह में पुणे फेस्टिवल खेल प्रतियोगिताओं के समन्वयक प्रसन्न गोखले, विजय चौधरी और चेतन मांगडे उपस्थित थे।

ये रहे विजेता

प्रथम विजेताओं के नाम इस तरह है (ब्रैकेट में वजन) - संस्कार जाधव (35 किलो), बजरंग शिरसाट (41 किलो), आशीष कदम (48 किलो), ऋषिकेश घुगे (55 किलो), भूषण चोर (65 किलो), रमेश चव्हाण (70 किलो), पवन गाडे (74 किलो), ऋत्विक सूल (86 किलो), साहिल मोहोल (97 किलो), नितिन जाधव (130 किलो)

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