3 करोड़ से ज्यादा की चोरी नहीं, आंकड़े बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए गए, स्वामी गोविंद देव गिरी बोले- इस्तीफा नहीं दूंगा

Ram Mandir Donation: अयोध्या ट्रस्ट दान चोरी पर कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने इस्तीफे की अफवाहों को खारिज किया। उधर, धार की भोजशाला में सुप्रीम कोर्ट ने नमाज की अनुमति देने से मना किया।
Swami Govind Dev Giri denies resignation rumors over Ayodhya trust theft case. Supreme Court refuses Namaz inside Dhar Bhojshala complex, suggests alternative site.
स्वामी गोविंद देव गिरी (फोटो सोर्स - डिजाइन इमेज AI)
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Ram Mandir Donation Row Govind Dev Giri: अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट में दान चोरी के मामले के बाद चंपत राय के इस्तीफे के बाद, अब कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज के भी पद छोड़ने की अफवाहें उड़ रही थी। इन अफवाहों पर विराम लगाते हुए स्वामी गोविंद देव गिरी ने स्पष्ट किया कि वे अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगे।

उन्होंने कहा, मैं छत्रपति शिवाजी महाराज का अनुयायी हूं, मैदान छोड़कर कभी नहीं भागूंगा। मेरे पास एक बैंक खाते के अलावा कोई निजी संपत्ति नहीं है। सदान पेटियों की गिनती के समय सीसीटीवी मेंटेनेंस के नाम पर बंद थे, जिसका फायदा उठाकर यह चोरी की गई। "यह एक गंभीर अपराध है, जिससे हमारा सिर शर्म से झुक गया है। चोरी की रकम करीब 3 करोड़ रुपये के आसपास है।

अंबाजी मंदिर में भी नोट दबाने का वीडियो

गुजरात शहर में स्थित शक्तिपीठ अंबाजी मंदिर में दान चोरी की घटना सामने आई है। कैश चोरी का एक वीडियो सामने आने के बाद कलेक्टर ने व्यवस्था को बदल दिया है। वीडियो में दावा किया गया है कि आउटसोर्स कर्मचारी ने मंदिर से कथित तौर पर 1 लाख रुपये चुराए, मंदिर प्रशासन के मुताबिक, यह घटना मई में हुई थी। आरोपी की पहचान चिराग ठाकोर के तौर पर हुई है।

चंपत वेबसाइट से डिलीट

इधर, तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की वेबसाइट से पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र का नाम हटा दिया गया है। ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन और ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास के नाम पर नई वीआईपी पास आईडी जारी की गई है। टिन्नू फिर रिमांड पर आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और सुभाष श्रीवास्तव को पुलिस ने कोर्ट में पेश कर 7 दिन की रिमांड पर फिर लिया है। अब तक अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडेय को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा चकी है।

भोजशाला में नमाज नहीं, दूसरी जगह देखें

सुको ने बताया संवेदनशील विषय उधर, धार की भोजशाला को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मप्र हाईकोर्ट के उस फैसले के खिलाफ मुस्लिम पक्ष की अपील पर सुनवाई करने के लिए सहमति दे दी है, जिसमें भोजशाला को मंदिर घोषित किया गया था। हालांकि, कोर्ट ने फिलहाल भोजशाला परिसर में नमाज की अनुमति देने से इनकार कर दिया।

इसकी बजाय सरकार को निर्देश दिया कि शुक्रवार को दोपहर 1 से 3 बजे के बीच नमाज अदा करने के लिए भोजशाला परिसर से सटे किसी खुले स्थान की व्यवस्था की जाए। यह भी आदेश दिया कि एएसआई कोर्ट की अनुमति के बिना भोजशाला परिसर में कोई भी संरचनात्मक बदलाव नहीं करेगा। कोर्ट ने इसे बेहद संवेदनशील मामला बताते | हुए हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्षों से धैर्य रखने को कहा।

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