Pune: 1.05 करोड़ की ‘हर घर जल’ योजना अधूरी, अवसरी खुर्द के 350 परिवार प्यासे

Maharashtra: अवसरी खुर्द में 1.05 करोड़ की हर घर जल योजना डेढ़ साल से अधूरी है। पाइपलाइन और टंकी होने के बावजूद बिजली व फिल्टर न होने से 350 परिवार आज भी पानी को तरस रहे हैं।
Pune Municipal Corporation Water Saving Guidelines News
जल संकट (सौ. सोशल मीडिया ) फाइल फोटो
Published on
Updated on

Pune News In Hindi: आंबेगांव तहसील के अवसरी खुर्द ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले अभंगमला, खेड़करमला, कौलीमला और भट्टिबस्ती के ग्रामीण आज भी जल संकट से जूझ रहे हैं, जबकि केंद्र सरकार की 'हर घर जल' योजना के तहत इनके लिए 1 करोड़ 5 लाख रुपये से अधिक का बजट जुलाई 2022 में ही मंजूर किया गया था।

इस परियोजना का उद्देश्य लगभग 350 परिवारों को शुद्ध और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना था, जिसका कार्य अगस्त 2022 में शुरू हुआ। विडंबना यह है कि मई 2023 की समय सीमा बीत जाने के डेढ़ साल बाद भी जल जीवन मिशन और महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण इस वितरण प्रणाली को पूर्ण करने में विफल रहे हैं।

अधूरी योजना और बढ़ता जल संकट अवसरी खुर्द के अभंगमला और आसपास के क्षेत्रों में 'हर घर जल' योजना प्रशासनिक लापरवाही की भेंट चढ़ गई है। योजना के तहत निर्मित कुआं और सीमेंट बांध पानी से लबालब भरे हैं, लेकिन अधूरी पाइपलाइन और वितरण प्रणाली के अभाव में ग्रामीणों के घरों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। मई 2023 की समय सीमा बीतने के लंबे समय बाद भी, करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद 350 परिवार पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं।

बुनियादी ढांचे की कमी से निवासी परेशान

बढ़ती मांग और तकनीकी बाधाएं यह क्षेत्र इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेजों के कारण शैक्षणिक केंद्र बन चुका है, जहां 50 होस्टलों में 400 से अधिक छात्र रहते हैं। बढ़ते शहरीकरण और नए निर्माणों के कारण पानी की मांग बढ़ी है, लेकिन बुनियादी ढांचे की कमी से छात्र और निवासी दोनों परेशान हैं, ग्रामीणों के अनुसार, जलवाहिनी और पंप हाउस तैयार हैं, किंतु बिजली कनेक्शन और फिल्टर सिस्टम न होने से पूरी योजना बेकार पड़ी है।

अधूरे काम और बजट की कमी बनी रोड़ा

योजना की वर्तमान स्थिति की बात करें तो पंप हाउस, कुआं, 7.5 हॉर्स पावर के दो पंप, 76 हजार लीटर की पानी की टंकी और 6 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन का काम पूरा हो चुका है। साथ ही नाले पर 30 मीटर लंबा सीगेट बांध भी बन चुका है, लेकिन योजना का अंतिम चरण, जिसमें सोलर सिस्टम, पानी शुद्धिकरण यंत्र, बिजली लाइनों का कनेक्शन और महावितरण कंपनी के पास जमा की जाने वाली सुरक्षा राशि शामिल है, अभी भी लंबित है। इन अतिरिक्त कार्यों के लिए 60 लाख रुपये का संशोधित बजट तैयार किया गया है, जो मंत्रालय स्तर पर मंजूरी के लिए अटका हुआ है बजट की कमी ने इस पूरी योजना की रपतार को रोक दिया है।

खींचतान और ग्राम पंचायत की नाराजगी

ग्राम पंचायत और जल जीवन मिशन के अधिकारियों के बीच समन्वय की कमी भी सामने आई है। पूर्व सरपंच जगदीश अर्थम का आरोप है कि अधिकारियों ने ग्रापं क विश्वास में लिए बिना सर्वेक्षण किया जिसके कारण कई परिवार इस योजना के लाभ से वंचित रह सकते हैं। लेकिन वर्तमान जूनियर इंजीनियर एकनाथ दंदाल ने अब एक नया सर्वेक्षण कर पुणे जिल परिषद को प्रस्ताव भेजा है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com