पुरंदर एयरपोर्ट प्रोजेक्ट तेज रफ्तार से आगे बढ़ेगा, अजित पवार बोले- किसानों के हक की होगी सुरक्षा

Pune News: पुरंदर एयरपोर्ट परियोजना के लिए 1,285 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया 25 अगस्त से शुरू होगी। उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने किसानों को न्यायपूर्ण मुआवजा व पुनर्वास का आश्वासन दिया।
उपमुख्यमंत्री अजित पवार (pic credit; social media)
उपमुख्यमंत्री अजित पवार (pic credit; social media)
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Maharashtra News: पुरंदर में प्रस्तावि छत्रपति संभाजीराजे अंतरराष्ट्रीय हव अड्डे के लिए होने वाले भूमि अधिग्रह में कई किसानों की पुश्तैनी जमीन रही है। यही वजह है कि किसानों अपनी जमीन देने में परेशानी हो रही इस बात की राज्य सरकार को प जानकारी है। लेकिन मुंबई और न मुंबई के अलावा पुणे व आसपास जिलों के लिए नए अंतरराष्ट्रीय हव अड्डे की आवश्यकता को देखते राज्य सरकार ने यह प्रोजेक्ट आगे जाने का निर्णय लिया है. इसलि किसानों का पुनर्वास उचित अ न्यायबद्ध तरीके से किया जाएगा। यह भरोसा उप मुख्यमंत्री अजीत पवार दिया है।

शुक्रवार को विधान भवन आयोजित प्रशासनिक कार्यों की समी बैठक के बाद वे पत्रकारों से बात क रहे थे। उन्होंने कहा कि इस एयरपोर्ट लेकर कई तरह की खबरें फैल रही लेकिन राज्य सरकार ने स्पष्ट निष् लिया है कि यह एयरपोर्ट बनकर रहेगा। इसके लिए सात गांवों की कुल 1,285 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। 25 अगस्त से अगले 21 दिनों तक किसानों से सहमति पत्र लिए जाएंगे।

पुरंदर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा

जिलाधिकारी जितेंद्र डूडी प्रोजेक्ट के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया 25 अगस्त से शुरू की जा रही है। किसानों को सहमति देने के लिए 21 दिन का समय दिया जाएगा। जो किसान पहले सहमति देंगे, उन्हें लाभकारी योजनाओं में प्राथमिकता दी जाएगी। हम सभी किसानों से अपील करते हैं कि वे इस प्रोजेक्ट में सहयोग करें और उचित मुआवजा पाए।

कई जिलों के लिए नए हवाई अड्डे की जरूरत

इस परियोजना से प्रभावित किसानों ने मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री से मुलाकात की है। पवार ने कहा कि मुंबई और नवी मुंबई एयरपोर्ट के अलावा पुणे, पिंपरी-चिंचवड़, सांगली, सतारा और कोल्हापुर जिलों के लिए नए हवाई अड्डे की जरूरत है। इन इलाकों से हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसलिए यह प्रोजेक्ट आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिग्रहण प्रक्रिया में किसी भी गांव की बस्ती प्रभावित नहीं होगी। जिन किसानों के मकान प्रभावित होंगे उन्हें आवासीय भूखंड दिए जाएंगे।

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