केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव का बड़ा बयान, '...तो Pok का भारत में विलय संभव था'

प्रतापराव जाधव ने दावा किया कि अगर NDA लोकसभा चुनाव में 400 से अधिक सीट जीतता तो पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) को भारत में शामिल करना और 1962 में चीन द्वारा कब्जाई गई भूमि को वापस लेना संभव हो जाता।
Prataprao Jadhav said Integration of POK into India could have been feasible if NDA won 400 plus seats
प्रतापराव जाधव (फोटो सौजन्यः पीटीआई)
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अकोला: लोकसभा चुनाव होकर एक महिने से ज्यादा का समय हो चुका है। एनडीए तीसरी बार बहुमत मिला है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक  बार फिर प्रधानमंत्री बन गए है। एनडीए की सरकार में शिंदे गुट के सांसद प्रतापराव जाधव को केंद्रीय मंत्री बनाया गया है। इस बीच महाराष्ट्र के अकोला में महायुति गठबंधन द्वारा रविवार को सम्मान समारोह का आयोजन किया गया था। इस दौरान बोलते हुए बड़ा दावा किया उन्होंने कहा कि अगर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) लोकसभा चुनाव में 400 से अधिक सीट जीतता तो पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) को भारत में शामिल करना और 1962 में चीन द्वारा कब्जाई गई भूमि को वापस लेना संभव हो जाता।

कोला में महायुति गठबंधन द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में केंद्रीय मंत्री और शिवसेना सांसद प्रतापराव जाधव ने दावा किया कि अगर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) लोकसभा चुनाव में 400 से अधिक सीट जीतता तो पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) को भारत में शामिल करना और 1962 में चीन द्वारा कब्जाई गई भूमि को वापस लेना संभव हो जाता।

...तो पीओके भारत का हिस्सा होता

शिवसेना सांसद जाधव ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लंबे समय से पीओके को भारत के मानचित्र में शामिल करने का सपना देख रहे हैं। आयुष और लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री ने कहा, “पीओके भारत का अभिन्न अंग होने के बावजूद पाकिस्तान के नियंत्रण में है। भारत का लक्ष्य 1962 के युद्ध के दौरान चीन द्वारा कब्जाई गई भूमि को पुनः प्राप्त करना भी है। अगर 400 से अधिक सीटें (हाल के लोकसभा चुनावों में राजग) जीत जाते, तो दो-तिहाई बहुमत प्राप्त होता, जिससे ये आकांक्षाएं संभव हो जातीं।”

पीएम मोदी के खिलाफ फैलाया गया झूठा प्रचार

इस दौरान बुलढाणा के सांसद जाधव ने विपक्ष पर कड़ा प्रहार किया।  उन्होंने यह आरोप लगाया कि यह झूठा प्रचार फैलाया गया कि अगर मोदी सत्ता में वापस आए तो संविधान बदल दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि संविधान में बदलाव नहीं किया जा सकता और उन्होंने इंदिरा गांधी द्वारा 1975 में लगाए गए आपातकाल को संविधान को पलटने का वास्तविक उदाहरण बताया।

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