

बदलापुर: पहले लोकसभा के आम चुनाव तथा उसके बाद संपन्न हुए विधानसभा के चुनाव प्रचार के समय से भाजपा के विधायक किसन कथोरे एवं शिवसेना (शिंदे) के बदलापुर शहर प्रमुख वामन म्हात्रे के बीच शुरू विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। दोनों के बीच आए दिन बयान बाजी शुरू है। एक दूसरे के पार्टी पदाधिकारियों को अपने खेमे में लेने का भी सिलसिला शहर में शुरू है।
शहर के इन दो बड़े नेताओं की टकराहट इसी तरह नगरपालिका के चुनाव तक यदि चली तो महायुति में शामिल यह दोनों दल अलग - अलग चुनावी मैदान में उतर सकते है। इसको लेकर दोनों दलों के कार्यकर्ता संभ्रम की स्थिति में है। इसलिए यह अनुमान लगाया जा रहा है कि आगामी नगरपालिका चुनावों की पृष्ठभूमि में किसन कथोरे और वामन म्हात्रे के बीच संघर्ष और बढ़ेगा।
लेकिन ठीक इसके विपरीत बदलापुर में शिवसेना व भाजपा के बीच सब कुछ ठीक ठाक नहीं हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा के उम्मीदवार किसन कथोरे तथा शिवसेना के शहर प्रमुख वामन म्हात्रे के बीच जारी प्रतिद्वंदिता आज भी देखने तथा सुनने को मिल रही है। लोकसभा के चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार कपिल पाटिल भी भाजपा के विधायक किसन कथोरे पर उनके खिलाफ काम करने का आरोप लगा चुके है। विधानसभा चुनाव में भाजपा के किसन कथोरे का आरोप था कि महायुति में शामिल होने के बाद भी वामन म्हात्रे गठबंधन का फर्ज नहीं निभा रहे है। मामला तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे तक पहुंचा शिंदे ने दोनों के बीच सुलह की कोशिश भी की लेकिन विवाद बदस्तूर जारी है।
इसी कड़ी में नववर्ष के दिन भाजपा के विधायक किसन कथोरे के जनसंपर्क कार्यालय में कीर्तन महोत्सव की जानकारी देने के लिए पत्रकार परिषद का आयोजन किया था। पत्रकारों ने पार्टी के भीतर कलह के कारण पूर्व भाजपा नगरसेवक हेमंत चतुरे के शिवसेना में शामिल होने का मुद्दा उठाया। तब उसके जवाब में भाजपा विधायक कथोरे ने कहा था कि विधानसभा चुनाव में हेमंत चतुरे ने भाजपा के खिलाफ काम किया था इसके कारण उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया था। भाजपा में उनके लिए कोई जगह नहीं होने के कारण उन्होंने शिवसेना का दामन थामा है।
कथोरे यहीं नहीं रुके उन्होंने शिवसेना का नाम लिए बिना आगे कहा कि अगर हमें तोड़ना है तो हम उनके कई लोगों को अपने में ला सकते है। वह उपमुख्यमंत्री के पास ले गए थे। हमारे पास मुख्यमंत्री है हमें ले जाना होगा तो हम उनके पास ले जाएंगे।
शिवसेना शहर प्रमुख वामन म्हात्रे मुरबाड विधानसभा से चुनाव लड़ना चाहते थे, विधानसभा क्षेत्र में रुचि रखते है। हालांकि वामन म्हात्रे, जो कथोरे की उम्मीदवारी से नाखुश थे, उन्होंने अंत तक कथोरे के प्रचार से खुद को दूर रखा था। क्योंकि महायुति सीट आवंटन में यह सीट भाजपा के पास चली गई थी। इस बीच भाजपा ने शिवसेना के उपप्रमुख तेजस म्हस्कर को बीजेपी में शामिल कर शिवसेना को झटका दिया था। इस का बदला वामन म्हात्रे ने भाजपा के पूर्व नगरसेवक हेमंत चतुरे को शिवसेना में शामिल कराकर लिया।
कुलगांव बदलापुर नगर परिषद में पिछले चुनाव में सबसे ज्यादा नगरसेवक शिवसेना के पास थे। लेकिन राज्य में विधानसभा चुनाव में मिली भारी सफलता के बाद बीजेपी की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। विधायक किसन कथोरे ने नगर पालिका के चुनाव में भाजपा को पूर्ण बहुमत देने की बात हाल ही में सार्वजनिक रूप से की थी। इस बयान को शिवसेना अलग नजरिए से ले रही है। भाजपा नपा में अपना वर्चस्व लाना चाहती है। वही शिवसेना के शहर प्रमुख वामन म्हात्रे ने दावा किया है कि नपा चुनाव में शिवसेना ही नंबर वन रहेगी और नपा अध्यक्ष भी शिवसेना का होगा।