पंचगंगा नदी ने पार किया खतरे का निशान, जलमग्न क्षेत्रों से 2000 से ज्यादा लोगों को हटाया गया

भारी बारिश के कारण पश्चिमी महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले में पंचगंगा नदी पूरे उफान पर है। पंचगंगा यहां खतरे के निशान से ऊपर बह रही है जिस कारण इलाके के जलमग्न क्षेत्रों से 2,000 से अधिक लोगों को स्थानांतरित किया गया है।
Panchganga river crossed the danger mark
पंचगंगा नदी ने पार किया खतरे का निशान (सौजन्य सोशल मीडिया)
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कोल्हापुर/सांगली : मॉनसून सक्रिय होने से पूरे देश समेत महाराष्ट्र में भी लगातार बारिश जारी है। लगातार हो कही बारिश के कारण पश्चिमी महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले में पंचगंगा नदी पूरे उफान पर है। पंचगंगा यहां खतरे के निशान से ऊपर बह रही है जिस कारण इलाके के जलमग्न क्षेत्रों से 2,000 से अधिक लोगों को स्थानांतरित किया गया है।

कोल्हापुर जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने यह जानकारी देते हुये बताया कि शुक्रवार दोपहर राजाराम वियर में पंचगंगा नदी का जलस्तर 45.2 फुट था, जो खतरे के निशान 43 फुट से काफी ऊपर है। कोल्हापुर के जिलाधिकारी अमोल येडगे ने ‘पीटीआई-भाषा' से कहा कि जिला प्रशासन ने शहर के सुतारवाडा और कुंभारवाडा के प्रभावित इलाकों से लोगों को स्थानांतरित करना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने करवीर तहसील के चिखली और अंबेवाडी और हाटकलंगने, शिरोल और इचलकरंगी तहसीलों के कुछ गांवों से लोगों को स्थानांतरित किया है।

भारी बारिश से 96 बैराज हुये जलमग्न

जिलाधिकारी ने कहा, "अब तक जिले में 2,000 से अधिक लोगों को स्थानांतरित करके आश्रय गृहों में रखा गया है।" उन्होंने कहा कि हालांकि भारत मौसम विभाग ने जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, लेकिन शहर में बारिश रुक गई है। जिला प्रशासन के अनुसार, राधानगरी बांध के छह गेट खोले गए हैं और प्रवाह 10068 क्यूसेक है। जिले में कम से कम 11 राज्य राजमार्ग और 37 मुख्य सड़कें बाढ़ के कारण वाहनों के आवागमन के लिए बंद हैं और 96 बैराज जलमग्न हैं।

कृष्णा नदी का जलस्तर भी बढ़ा

एक अन्य अधिकारी ने बताया सांगली में, कृष्णा नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है, जिसके कारण जेल प्रशासन को एहतियात के तौर पर 80 कैदियों को कोल्हापुर स्थानांतरित करना पड़ा। उन्होंने बताया कि कोयना बांध 77 प्रतिशत क्षमता तक पहुंच गया है और प्रवाह 30,000 क्यूसेक है। अधिकारी ने बताया कि फिलहाल, इरविन पुल पर कृष्णा नदी का जलस्तर 37.5 फुट है और कोयना से पानी छोड़े जाने के कारण इसके 40 फुट से ऊपर जाने की संभावना है। उन्होंने लोगों से सतर्क और सावधान रहने और जिला प्रशासन के निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया है।

वार्ना बांध भी क्षमता से ऊपर पहुंचा

अधिकारी ने आगे बताया कि भारी के कारण वार्ना बांध अपनी क्षमता के 89 प्रतिशत तक पहुंच गया है और प्रवाह 15000 क्यूसेक है। उन्होंने कहा कि वार्ना नदी के किनारे रहने वाले लोगों से प्रशासन के साथ सहयोग करने को कहा गया है। अधिकारी ने कहा, "हमने एनडीआरएफ के अतिरिक्त दलों को कहा है और यदि आवश्यक हुई तो हम सेना की मदद लेंगे।" सांगली जेल के एक अधिकारी ने कहा कि जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए एहतियात के तौर पर 80 कैदियों को कोल्हापुर जेल में स्थानांतरित कर दिया गया है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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