नालासोपारा में अतिक्रमण बना ‘नासूर’, सड़कों पर फेरीवालों का कब्जा, ट्रैफिक बेहाल

Nalasopara Encroachment Traffic Problem: नालासोपारा में अतिक्रमण और ट्रैफिक की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है।फेरीवालों और अवैध पार्किंग के कारण सड़कें जाम हैं, हालांकि इससे हालात में सुधार नहीं दिख रहा।
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नालासोपारा अतिक्रमण (सौ. सोशल मीडिया )
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Nalasopara Encroachment Traffic Problem News Update: वसई-विरार महानगरपालिका क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नालासोपारा शहर में अतिक्रमण और यातायात की समस्या अब एक 'नासूर' बन चुकी है।

शहर के मुख्य मार्गों से लेकर स्टेशन परिसर तक फेरीवालों ने इस कदर कब्जा जमा लिया है कि पैदल चलने वालों के लिए जगह ही नहीं बची है। प्रशासन की 'दिखावे' वाली कार्रवाई के कुछ ही घंटों बाद सड़कों पर दोबारा दुकानें सज जाती हैं, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि नगर निगम और पुलिस का खौफ पूरी तरह खत्म हो चुका है। नालासोपारा पूर्व और पश्चिम, दोनों ही तरफ स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है।

विशेष रूप से कुछ इलाकों में स्थिति नियंत्रण से बाहर है संतोष भवन, गलानगर और अचोले रोड की मुख्य सड़कों पर फेरीवालों का डेरा रहता है। समेलपाड़ा नाका और राधाकृष्ण होटल के आसपास रिक्शा चालकों की मनमानी और अवैध पार्किंग ने यातायात की कमर तोड़ दी है।

'चूहे-बिल्ली' का खेल में पिस रही आम जनता

हाल ही में महापालिका के दस्ते ने सतीवली, नायगांव ईस्ट ब्रिज, वालीव और तुंगारेश्वर जैसे इलाकों में बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की थी, लेकिन स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि यह महज एक औपचारिकता है। जैसे ही महापालिका की गाड़ी आती है, फेरीवाले गलियों में छिप जाते हैं और दस्ते के जाते ही फिर से सड़कों पर कब्जा जमा लेते हैं। प्रशासन और अतिक्रमणकारियों के बीच जारी इस 'चूहे-बिल्ली' के खेल में आम जनता पिस रही है। प्रशासन केवल सामान जब्त कर खानापूर्ति करता है। जब तक 24 घंटे निगरानी नहीं होगी, ये सड़कें कभी खाली नहीं होंगी।

संकरी सड़कें और दुर्घटनाओं को न्योता

  • शहर की सड़कें पहले ही बढ़ती जनसंख्या के दबाव में संकरी पड़ रही है। रही-सही कसर फल और सब्जी विक्रेताओं ने पूरी कर दी है। सड़कों के दोनों ओर अतिक्रमण होने के कारण राहगीरों को अपनी जान जोखिम में डालकर बीच सड़क पर चलना पड़ता है घंटो जाम में फंसे रहने के कारण वाहन चालक धैर्य खो रहे हैं।
  • ट्रैफिक से बचने के लिए कई लोग फुटपाथ या गलत दिशा में गाड़ी चलाने को मजबूर हैं।
  • इन अव्यवस्थाओं के कारण आए दिन छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं हो रही है। बढ़ते आक्रोश के बीच स्थानीय निवासियों ने प्रशासन के सामने कुछ सख्त मांगें रखी है।
  • प्रमुख क्षेत्रों और स्टेशन परिसर को अविलंब नो-हॉकिंग जोन' घोषित किया जाए।
  • अवैध रिक्शा स्टैंडों और बीच सड़क पर सवारी भरने वाले चालकों पर कड़ी कार्रवाई हो, महापालिका का दस्ता केवल 'रेड' न मारे, बल्कि संवेदनशील क्षेत्रों में 24/7 निगरानी सुनिश्चित करे।
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