देश की सबसे चौड़ी सुरंग काम दो साल में हुआ पूरा, 17.5 किमी है लंबा

Route tunnel from Igatpuri
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इगतपुरी : इगतपुरी (Igatpuri) से वशाला सुरंग (Vashala Tunnel) सिर्फ 2 वर्षों में बनकर तैयार हुई है। यह देश में सबसे चौड़ी (Wide) 17.5 मीटर की सुरंग है। कसारा घाट में 600 मीटर रेलवे सुरंग का कार्य ग्रेटर इंडियन पेनिनसुला रेलवे (Greater Indian Peninsula Railway) की ओर से शुरू किया गया था। यह 10 वर्ष बाद 1865 में बनकर तैयार हुआ था। अगले 150 वर्षों में प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हुई अपार प्रगति के कारण समृद्धि राजमार्ग (Samruddhi Highway) पर बनी यह सुरंग मात्र दो वर्षों में बनकर तैयार हो गई। इस सुरंग का निर्माण मात्र दो वर्षों में 300 इंजीनियरों, 3000 श्रमिकों, हजारों वाहनों और सैकड़ों मशीनों ने किया है। 

सुरंग में 7.50 किमी की दो लेन हैं, जो समृद्धि राजमार्ग पर कसारा घाट से 30 मिनट की यात्रा को केवल 7 मिनट तक कम कर देती है। सुरंग में हर 300 मीटर पर सुरक्षा गार्ड बनाए गए एक सुरंग में आपदा की स्थिति में प्रत्येक 300 मीटर पर सुरक्षा गार्ड का निर्माण किया गया है ताकि वाहनों को कम से कम समय में दूसरी सुरंग से गुजरने दिया जा सके। यह न केवल देश में बल्कि एशिया में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों को पूरा करने वाली पहली सुरंग है। 

शाहपुर दिशा का काम जारी

टनल इंजीनियरों की एक टीम ने दिन में 12-12 घंटे काम किया और 3 वर्ष के प्रोजेक्ट को 2 वर्ष में पूरा किया। सुरंग खोदने के लिए ऑस्ट्रेलियाई तकनीक का इस्तेमाल किया गया था। समृद्धि राजमार्ग तेज और सुरक्षित यातायात के लिए स्थलाकृति को समतल करके बनाई गई सड़क की एक विशेषता है। इस स्तर को बनाए रखने के लिए नाशिक जिले की घाटियों में और ठाणे जिले के बाहर सुरंग से पहले 70 मीटर खंभों को खड़ा कर सड़क को ऊपर उठा दिया गया है।  नाशिक की ओर यह काम पूरा हो चुका है। शाहपुर दिशा का काम बारिश में भी जारी है। 

सुरंग में वाहनों से उत्सर्जित कार्बन जैसी हानिकारक गैसों के कारण घुसपैठ के जोखिम से बचने के लिए यहां विशाल स्थायी वेंटिलेशन पंखे लगाए गए हैं। इसके अलावा पहाड़ में वर्टिकल वेंटिलेटर खोदे गए हैं। यह सुरंग में निकास गैसों को छोड़ेगा और सुरंग में ताजी हवा के प्रवाह को बनाए रखने में मदद करेगा।