कुंभ के नाम पर किसानों की जमीन हड़पना कौनसा धर्म है? संजय राउत का सरकार पर तीखा प्रहार!

Land Acquisition Nashik: संजय राउत ने नासिक रिंग रोड के लिए हो रहे भूमि अधिग्रहण को बताया अवैध। कुंभ मेले के नाम पर किसानों की जमीन छीनने और अधिकारियों की गुंडागर्दी पर उठाए सवाल। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
What kind of 'Dharma' is it to grab farmers' land in the name of the Kumbh? Sanjay Raut launches a scathing attack on the government!
संजय राउत (सोशल मीडिया)
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Sanjay Raut Attacks Govt: सांसद संजय राउत ने नासिक में प्रस्तावित रिंग रोड के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि आगामी कुंभ मेले के नाम पर सरकार अवैध रूप से किसानों की जमीनें छीन रही है। राउत ने सरकार से सवाल किया कि ऐसा कौन सा धर्म है जो किसानों की जमीनें जबरन हड़पने, उनके घरों को ढहाने और उस पर सड़कें बनाने की इजाजत देता है? उन्होंने इसे विकास के नाम पर विनाश करार दिया।

प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल

राउत ने केवल सरकार पर ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक अधिकारियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई के दौरान एक IAS अधिकारी ने एक महिला पर लाठी से हमला किया। राउत ने गुस्से में पूछा, "यह किस तरह की प्रशासनिक शैली है? क्या अधिकारी अब गुंडों की तरह व्यवहार करेंगे?" उन्होंने मांग की कि इस तरह की ज्यादती करने वाले अधिकारियों पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए।

नासिक रिंग रोड और भूमि अधिग्रहण का विवाद

नासिक शहर में यातायात के दबाव को कम करने और भविष्य के कुंभ मेले को ध्यान में रखते हुए सरकार ने रिंग रोड परियोजना का प्रस्ताव रखा है। इसके लिए बड़े पैमाने पर उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। स्थानीय किसान पिछले कई महीनों से इसका विरोध कर रहे हैं। किसानों का आरोप है कि उन्हें पर्याप्त मुआवजा नहीं दिया जा रहा है और उनकी उपजाऊ जमीनें उनसे छीनी जा रही हैं, जिससे उनकी आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है।

क्या कुंभ मेला केवल एक बहाना है?

विपक्ष का आरोप है कि सरकार कुंभ मेले की आड़ में बिल्डरों और बड़े ठेकेदारों को फायदा पहुँचाने के लिए यह रिंग रोड बना रही है। संजय राउत ने स्पष्ट किया कि विकास के खिलाफ कोई नहीं है, लेकिन विकास की कीमत किसानों के आंसुओं से नहीं चुकाई जानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अपना रवैया नहीं बदला, तो शिवसेना (UBT) किसानों के साथ मिलकर सड़कों पर उतरेगी और इस अन्याय का विरोध करेगी।

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