टूट गया सपनों का रेल मार्ग! विकास की उम्मीदों पर चला बुलडोजर, नासिक- सिन्नर में फूटेगा जनआक्रोश

Nashik Pune Rail Project Cancelled: नासिक-पुणे सेमी हाईस्पीड रेल मार्ग रद्द होने से उत्तर महाराष्ट्र में भारी जनआक्रोश है। इस अन्यायपूर्ण फैसले और विश्वासघात के खिलाफ सिन्नर में आपात बैठक बुलाई गई है।
Cancellation of Nashik-Pune semi-highspeed rail sparks public outrage. Sinnar Rail Kruti Samiti calls an emergency meeting to launch a protest against the decision.
नासिक-पुणे रेल मार्ग ,(सौजन्य- सोशल मीडिया)
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Nashik Pune Rail Rail Project Cancelled Sinnar Protest: उत्तर महाराष्ट्र के विकास की लाइफलाइन माने जाने वाले ' नासिक-सिन्नर-संगमनेर-पुणे' सेमी हाईस्पीड रेल मार्ग को अचानक रद्द करने की घोषणा ने नाशिक जिले में भारी जनआक्रोश पैदा कर दिया है। पिछले तीन दशकों से जिस रेल मार्ग के शुरू होने का सपना नाशिकवासी देख रहे थे, उसे अचानक बंद करने के केंद्र सरकार के फैसले ने औद्योगिक विकास, शिक्षा और रोजगार की उम्मीदों पर जैसे इस 'बुलडोजर' चला दिया है।

'विश्वासघात' के खिलाफ अब नाशिक के सिन्नर में आर-पार की लड़ाई की तैयारी शुरू हो गई है। विकास की उम्मीदों पर 'बुलडोजर' सिन्नर तालुका रेल कृति समिति ने इस निर्णय को  नासिक और उत्तर महाराष्ट्र के साथ हुआ 'क्रूर मजाक' करार दिया है।

समिति का स्पष्ट आरोप है कि नासिक के औद्योगिक विकास की धमनियों को जानबूझकर काटा गया है। सिन्नर-संगमनेर का औद्योगिक भविष्यः सिन्नर एमआईडीसी और संगमनेर औद्योगिक क्षेत्र के लिए यह रेल मार्ग किसी संजीवनी से कम नहीं था। इसके रद्द होने से हजारों युवाओं के लिए सृजित होने वाले रोजगार के अवसर अब छिन गए हैं। इस मार्ग के जरिए नाशिक की कृषि उपज और औद्योगिक कच्चे माल की पुणे तक सस्ती ढुलाई का सपना भी अब टूट गया है।

नासिक से पुणे जाने वाले छात्रों व कर्मचारियों पर दोहरी मार

नासिक, सिन्नर और संगमनेर से रोजाना शिक्षा और नौकरी के लिए पुणे जाने वाले हजारों युवाओं के लिए यह रेल मार्ग जीवन की सबसे बड़ी राहत बनने वाला था। पुणे में बढ़ती महंगाई और घर के किराए के बीच, यह रेल मार्ग डेढ़ से दो घंटे में सुगम यात्रा का विकल्प देने वाला था। अब यात्रियों को वही पुरानी बस यात्रा की असुविधा झेलनी होगी, जिससे हजारों परिवारों का आर्थिक और मानसिक तनाव बढ़ना तय है।

'विश्वासघात' के खिलाफ बिगुल

रेल कृति समिति ने याद दिलाया कि मुख्यमंत्री के अनुरोध पर जनता ने अपना जनआंदोलन स्थगित कर संयम रखा था, लेकिन बदले में उन्हें केवल निराशा मिली है। नाशिक के नागरिकों का मानना है कि उत्तर महाराष्ट्र के साथ फिर से सौतेला व्यवहार किया गया है।

निर्णायक लड़ाई के लिए कमर कसी

आपात बैठक: सरकार के इस फैसले को चुनौती देने और व्यापक जनआंदोलन की रूपरेखा तैयार करने के लिए 21 जून, रविवार को सिन्नर गेस्ट हाउस में दोपहर 4 बजे एक आपात बैठक बुलाई गई है। सिन्नर तालुका रेल कृति समिति ने जिले के सभी नागरिकों से इस बैठक में बड़ी संख्या में जुड़ने का आह्वान किया है।

नासिक की जनता अब सरकार को इस अन्यायपूर्ण फैसले को वापस लेने के लिए मजबूर करने के मूड में है। क्या नाशिक के इस जनदबाव के आगे सरकार झुकेगी? यह रविवार को सिन्नर में होने वाली बैठक और प्रस्तावित आंदोलनों से साफ हो जाएगा।

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