नासिक में रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा: पानी भरी बाल्टी में डूबने से 1 साल की मासूम हिंदवी की दर्दनाक मौत

Nashik Baby Drowning Accident Bucket Water: नासिक के आडगांव में खेलते समय पानी से भरी बाल्टी में गिरी 1 साल की मासूम बच्ची हिंदवी भोसले, इलाज से पहले दर्दनाक मौत।
Nashik Baby Drowning in bucket Incident
Nashik: पानी भरी बाल्टी में डूबी 1 साल की बच्ची (प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो सोर्स-AI)
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Nashik Baby Drowning in bucket Incident: यह बेहद दुखद घटना नासिक शहर के आडगांव परिसर की है, जहां दत्तात्रय भोसले का परिवार अपनी एक वर्षीय बेटी हिंदवी के साथ रहता था। शुक्रवार की दोपहर घर का माहौल हमेशा की तरह सामान्य था और बच्ची हॉल में खेल रही थी। खेलते-खेलते अचानक बच्ची का ध्यान खुले हुए बाथरूम की तरफ गया। चूंकि बच्चे स्वभाव से खोजी होते हैं, इसलिए वह घुटनों के बल रेंगते हुए सीधे बाथरूम के भीतर पहुंच गई, जहां फर्श पर पानी से लबालब भरी एक प्लास्टिक की बाल्टी रखी हुई थी।

बाल्टी को देखकर मासूम बच्ची ने उत्सुकतावश उसके भीतर झांकने का प्रयास किया। लेकिन शारीरिक रूप से बेहद छोटी और कमजोर होने के कारण वह अपना वजन नहीं संभाल सकी। उसका संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया और वह सिर के बल सीधे पानी से भरी बाल्टी के अंदर जा गिरी। बाल्टी गहरी होने और पानी का दबाव अधिक होने के कारण वह खुद को बाहर निकालने में पूरी तरह असमर्थ रही।

वसंतराव पवार मेडिकल कॉलेज पहुंचने से पहले ही तोड़ा दम

कुछ मिनटों बाद जब मां और पिता का ध्यान इस बात पर गया कि हिंदवी की आवाज नहीं आ रही है, तो उन्होंने पूरे घर में उसकी तलाश शुरू की। बाथरूम का दरवाजा खुला देख जब पिता दत्तात्रय भोसले भीतर भागे, तो वहां का दृश्य देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने तुरंत तड़पती हुई हिंदवी को बाल्टी से बाहर निकाला और आनन-फानन में आडगांव के प्रसिद्ध डॉ. वसंतराव पवार मेडिकल कॉलेज लेकर दौड़े। हालांकि, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों की टीम ने गहन जांच के बाद उसे 'ब्रॉट डेड' (अस्पताल पहुंचने से पहले ही मृत) घोषित कर दिया।

क्यों छोटे बच्चों के लिए जानलेवा साबित होती है पानी की बाल्टी?

इस दिल दहला देने वाले हादसे के बाद बाल रोग विशेषज्ञों (Pediatricians) ने माता-पिता के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण वैज्ञानिक चेतावनी जारी की है। डॉक्टरों के अनुसार, 1 से 2 साल तक के छोटे बच्चों के शारीरिक विकास के दौरान उनके सिर का हिस्सा (Head) उनके बाकी शरीर और धड़ के मुकाबले काफी भारी होता है। ऐसे में जब भी कोई छोटा बच्चा पानी से भरी बाल्टी, ड्रम या टब में नीचे की ओर झुकता है, तो भारी सिर के कारण उसका गुरुत्वाकर्षण संतुलन बिगड़ जाता है। एक बार बाल्टी में गिरने के बाद बच्चा अपने पैरों या हाथों के बल खुद को पीछे धकेलने में सक्षम नहीं होता और महज कुछ ही इंच पानी में भी उसका दम घुट (Drowning) जाता है।

आडगांव पुलिस कर रही है मामले की जांच

मासूम हिंदवी की इस आकस्मिक मौत से भोसले परिवार पूरी तरह टूट चुका है और माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। आडगांव पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, अस्पताल से मिली मेमो रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने एक्सीडेंटल डेथ का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने नागरिकों, विशेषकर नवजात बच्चों के माता-पिता से अपील की है कि वे घर के भीतर भारी बाल्टियों को हमेशा ढककर रखें और बाथरूम का दरवाजा अनिवार्य रूप से बंद रखें, क्योंकि पलक झपकते ही हुई एक छोटी सी चूक जीवनभर का दर्द दे सकती है।

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