

Nashik Kumbh AI Security : कुंभ मेले में करोड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ का प्रबंधन पुलिस और प्रशासन के लिए हमेशा बड़ी चुनौती रहा है। ऐसे आयोजनों में धैर्य, संयम, सतर्कता, तत्परता और शालीनता की कड़ी परीक्षा होती है। नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ को लेकर प्रशासन अब पारंपरिक पुलिसिंग के साथ आधुनिक तकनीक का सहारा लेने की तैयारी में है।
प्रशासन के अनुमान के मुताबिक कुंभ में 10 से 12 करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। हालांकि, मौजूदा धार्मिक आयोजनों में बढ़ती भागीदारी और प्रयागराज महाकुंभ के अनुभव को देखते हुए यह संख्या 15 से 20 करोड़ तक पहुंचने की संभावना पर भी मंथन किया जा रहा है। प्रयागराज में अनुमान से अधिक भीड़ पहुंचने के बाद वहां अपनाई गई व्यवस्थाओं का अध्ययन नासिक प्रशासन के लिए अहम माना जा रहा है।
नासिक पुलिस भीड़ प्रबंधन के लिए Human-in-the-Loop मॉडल पर काम करने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत AI कैमरों और अन्य तकनीकी माध्यमों से प्राप्त डेटा का विश्लेषण कर भीड़ के दबाव, संभावित जोखिम और असामान्य गतिविधियों की पहचान करेगा। किसी संभावित खतरे की स्थिति में संबंधित पुलिस अधिकारियों को तत्काल अलर्ट किया जा सकेगा।
हालांकि अंतिम निर्णय में मानवीय निगरानी महत्वपूर्ण रहेगी। AI के विश्लेषण को पुलिस अधिकारी जांचेंगे और आवश्यकता के अनुसार कार्रवाई करेंगे। इससे तकनीक और मानवीय अनुभव के बीच बेहतर समन्वय बनाने का प्रयास होगा।
नासिक पुलिस की टीम ने हाल ही में प्रयागराज का दो दिवसीय दौरा कर महाकुंभ और माघ मेले के दौरान अपनाई गई व्यवस्थाओं का अध्ययन किया। पुलिस आयुक्त संदीप कार्णिक के नेतृत्व में टीम ने प्रयागराज कमिश्नरेट के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की और संगम क्षेत्र का दौरा किया।
इस दौरान वन-वे रूट, डायवर्जन, भीड़ का दबाव कम करने की रणनीति, अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी, आपदा प्रबंधन, जल सुरक्षा, यातायात नियंत्रण, खोया-पाया व्यवस्था और आपातकालीन प्रतिक्रिया जैसी व्यवस्थाओं की जानकारी ली गई। विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय को भी नासिक सिंहस्थ कुंभ की तैयारियों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।