क्राइम रिपोर्ट: नासिक ग्रामीण पुलिस का बड़ा खुलासा, मारपीट व अपहरण बढ़े; अपराध सुलझाने की दर 40%

Nashik Rural Police: नासिक ग्रामीण में 2025 में 8,615 अपराध दर्ज हुए। हत्या-चोरी में कमी, मारपीट व अपहरण बढ़े। 6,888 मामलों की जांच पूरी कर 40% समाधान दर हासिल की।
Crime Report: Nashik Rural Police make a major revelation, assaults and kidnappings on the rise; crime solving rate 40%
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Nashik Crime Investigation Rate: नासिक ग्रामीण पुलिस दल द्वारा जारी किए गए वर्ष 2025 के वार्षिक अपराध आंकड़े जिले की कानून-व्यवस्था की एक स्पष्ट तस्वीर पेश करते हैं। आंकड़ों के अनुसार पूरे जिले में कुल 8,615 अपराध मामले दर्ज किए गए, जिनमें से 6,888 मामलों की जांच सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है। यह उपलब्धि जिले में पुलिस की सक्रियता, बेहतर जांच प्रणाली और अपराध नियंत्रण की दिशा में उठाए गए ठोस कदमों का परिणाम मानी जा रही है।

हत्या, चोरी और सड़क दुर्घटनाओं में गिरावट

पुलिस रिकॉर्ड के विश्लेषण से पता चलता है कि वर्ष 2025 में हत्या, चोरी और सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में उल्लेखनीय कमी आई है। यह दर्शाता है कि जिले में गश्त, त्वरित कार्रवाई, तकनीकी निगरानी और जागरूकता अभियानों का सकारात्मक असर पड़ा है।

मारपीट, दंगा और अपहरण में बढ़ोतरी

हालांकि कुछ अपराध श्रेणियों में सुधार हुआ है, लेकिन मारपीट, दंगा और अपहरण जैसी घटनाओं में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि इन मामलों में आपसी विवाद, सामाजिक तनाव और आर्थिक कारणों की भूमिका सामने आई है। इन पर नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं।

अपराध सुलझाने की दर 40 प्रतिशत

नासिक ग्रामीण जिले में अपराध सुलझाने की दर 40 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जिसे पुलिस प्रशासन एक बड़ी सफलता मान रहा है। यह दर पिछले वर्षों की तुलना में कहीं अधिक है। इसके पीछे वैज्ञानिक जांच पद्धति, सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल ट्रैकिंग, मुखबिर तंत्र और फील्ड इंटेलिजेंस की अहम भूमिका रही है।

‘जीरो पेंडेंसी’ का लक्ष्य

पुलिस अधीक्षक बालासाहेब पाटील ने जिले में ‘जीरो पेंडेंसी’ यानी किसी भी मामले को लंबित न रखने का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने सभी अनुविभागीय अधिकारियों और थाना प्रभारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि लंबित मामलों की जांच जल्द से जल्द पूरी की जाए और पीड़ितों को समय पर न्याय मिले।

स्थानीय अपराध शाखा की सक्रिय भूमिका

स्थानीय अपराध शाखा (एलसीबी) की सक्रियता के चलते अपराधियों की धरपकड़ तेज हुई है। कई संगठित गिरोहों का भंडाफोड़ किया गया है और फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इससे आम नागरिकों में पुलिस के प्रति विश्वास भी बढ़ा है।

अपराधों का तुलनात्मक विवरण (2024 व 2025)

क्रमांक अपराध की श्रेणी वर्ष 2024 वर्ष 2025 अंतर (+/–)
1 हत्या 87 63 –24
2 हत्या का प्रयास 86 95 +9
3 बलात्कार 192 189 –3
4 लूट (जबरी चोरी) 128 94 –34
5 सेंधमारी (घरफोड़) 352 367 +15
6 दंगा व गैरकानूनी सभा 407 462 +55
7 अपहरण (नाबालिगों सहित) 542 620 +78
8 मारपीट (दुखापत) 1,298 1,442 +144
9 सरकारी कर्मचारी पर हमला 43 52 +9
10 छेड़छाड़ (विनयभंग) 345 418 +73
11 प्राणघातक दुर्घटनाएं 896 823 –73
12 अन्य अपराध 1,662 2,089 +427
कुल 8,024 8,615 +591
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