

Nashik Municipal Corporation: नासिक मानसून की पहली बारिश ने जहां पिछले चार महीनों से जारी भीषण गर्मी और उमस से नागरिकों को राहत दी है, वहीं मनपा प्रशासन की तैयारियों की पोल भी खोल दी है। बारिश की पहली फुहारों के साथ ही शहर की सड़कों की स्थिति दयनीय हो गई है, जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
बारिश के दौरान नासिक के प्रमुख मागों और चौराहों पर भारी जलभराव और ट्रैफिक जाम की समस्या देखने को मिली। दफ्तर जाने और व्यावसायिक गतिविधियों के समय हुई बारिश ने वाहन चालकों की मुश्किलें बढ़ा दीं। प्रमुख प्रभावित क्षेत्रः गंगापुर रोड, मुंबई नाका, सीबीएस, पंचवटी, अंबड और इंदिरानगर जैसे इलाकों में पानी जमा होने से यातायात की गति धीमी पड़ गई।
द्वारका का संकटः द्वारका क्षेत्र में सर्विस रोड का काम अधूरा होने के कारण वाहन चालकों को कच्चे और कीचड़युक्त रास्तों से गुजरने के लिए मजबूर होना पड़ा, जहां कई वाहन फंस गए। दोपहर करीब 3 बजे हुई मूसलाधार बारिश के बाद लगभग एक घंटे के अंतराल के पश्चात फिर से तेज बारिश शुरू हो गई। इससे नागरिकों की परेशानियां और बढ़ गईं।
पहली ही बारिश में कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई। एक ओर बाहर बारिश के कारण मौसम में ठंडक और राहत का अहसास हो रहा था, वहीं दूसरी ओर घरों में बिजली गुल होने से लोगों का यह आनंद भी फीका पड़ गया। कुल मिलाकर पहली ही बारिश ने प्रशासन की तैयारियों की पोल खोलकर रख दी और व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति उजागर कर दी।
बारिश की पहली मार के बाद शहर की सड़कों की बदतर स्थिति को लेकर सोशल मीडिया पर भी आक्रोश देखने को मिला, नागरिकों ने जलभराव, गड्डों और जाम की तस्वीरे तथा वीडियो साझा कर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। भीषण गर्मी के बाद इस बारिश से तापमान में गिरावट तो आई, लेकिन सड़क पर पसरे कीचड़ और जाम ने नागरिकों के आनंद को फीका कर दिया।
नागरिकों ने मनपा प्रशासन को चेतावनी देते हुए मांग की है कि मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने से पहले शहर के अधूरे पड़े सड़क निर्माण कार्यों को शीघ्र पूरा किया जाए, जलभराव वाली जगहों पर निकासी की व्यवस्था दुरुस्त की जाए ताकि भविष्य में होने वाली भारी बारिश के दौरान उन्हें इस तरह की नारकीय स्थिति का सामना न करना पड़े।