

महाराष्ट्र में 15 अगस्त तक मछली पकड़ने पर बैन, मंत्री नितेश राणे ने गोवा के सीएम से मांगी मदद, जानिए नियमNashik MNGL Bill Cyber Fraud: महाराष्ट्र के नासिक जिले से साइबर ठगी का मामला सामने आया है। यहां महाराष्ट्र नेचुरल गैस लिमिटेड (MNGL) का गैस बिल बकाया होने और कनेक्शन तुरंत काटने का डर दिखाकर शातिर साइबर अपराधियों ने दो सेवानिवृत्त वरिष्ठ नागरिकों को अपना निशाना बनाया। ठगों ने झांसे में लेकर दोनों बुजुर्गों के बैंक खातों से कुल 5 लाख 7 हजार रुपये साफ कर दिए। इस पूरी घटना के संबंध में नासिक के आडगांव पुलिस स्टेशन में अज्ञात संदिग्धों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
साइबर ठगी की पहली घटना नासिक जिले के कोणार्क नगर, आडगांव निवासी और सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी प्रताप जयदेव कुवर (68) के साथ घटी। सुबह करीब 11:30 बजे कुवर के मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को गैस कंपनी का प्रतिनिधि बताते हुए धमकी दी कि यदि तुरंत गैस बिल का भुगतान नहीं किया गया, तो उनका कनेक्शन काट दिया जाएगा।
इसके बाद ठग ने उनके WhatsApp पर एक संदिग्ध ऐप का लिंक भेजा। जैसे ही पीड़ित ने उस लिंक पर क्लिक करके ऐप डाउनलोड किया, उनका मोबाइल फोन लगभग एक घंटे के लिए पूरी तरह से हैंग हो गया। इसी एक घंटे के दौरान साइबर अपराधियों ने कुवर के मोबाइल का एक्सेस लेकर 6 ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिए उनके खाते से 4 लाख 13 हजार रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर लिए।
मोबाइल स्क्रीन सामान्य होने पर जब प्रताप कुवर को खाते से पैसे कटने के मैसेज मिले, तो वे तुरंत शिकायत दर्ज कराने आडगांव पुलिस स्टेशन पहुंचे। वहां पहुंचकर उन्हें पता चला कि उनके ही इलाके के रहने वाले अनंत पंढरीनाथ मोरे (70) भी ठीक इसी प्रकार की धोखाधड़ी की शिकायत लेकर पुलिस स्टेशन आए थे। शातिर ठगों ने मोरे को भी गैस बिल का डर दिखाकर जाल में फंसाया और उनके खाते से 94 हजार रुपये उड़ा लिए।
आडगांव पुलिस ने इस मामले में सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस फिलहाल बैंक खातों और कॉल डिटेल्स की मदद से आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।
घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने नागरिकों के लिए चेतावनी जारी की है। पुलिस ने अपील की है कि किसी भी अनजान नंबर से आए मैसेज या लिंक पर भूलकर भी क्लिक न करें। कोई भी गैस कंपनी या सरकारी संस्था मोबाइल पर ऐप डाउनलोड कराकर बिल भुगतान की मांग नहीं करती है। यदि ऐसा कोई कॉल या मैसेज आता है, तो तुरंत आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर या पास के पुलिस स्टेशन से संपर्क करें।