

Nashik MLC Election Narendra Darade: विधान परिषद चुनाव की घोषणा होते ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इस चुनाव में जीत के लिए केवल राजनीतिक कौशल ही नहीं, बल्कि भारी-भरकम धनशक्ति का भी प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। मतदाताओं की सीमित संख्या और चुनाव प्रचार के दौरान खर्च पर कोई प्रभावी अंकुश न होने के कारण, नासिक के इस चुनावी अखाड़े में अरबपतियों और करोड़पति उम्मीदवारों का दबदबा स्पष्ट दिख रहा है।
उम्मीदवारों की वित्तीय ताकत पर एक नजर नासिक विधान परिषद चुनाव के चुनावी मैदान में उतरे उम्मीदवारों की संपत्ति ने सबको चौंका दिया है। आंकड़ों पर गौर करें तो बड़े-बड़े दिग्गज भी इस दौड़ में शामिल हैं। गणेश - गितेः इस सूची में सबसे ऊपर हैं, जिनकी कुल संपत्ति 150 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।
परवेज कोकणीः 102 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ वे भी प्रमुख प्रमुख दावेदारों में शामिल हैं। कुणाल दराडेः इनके पास 17 करोड़ रुपये की संपत्ति का विवरण है। नरेंद्र दराडेः लगभग 9 करोड़ 89 लाख रुपये की संपत्ति इनके पास है। विष्णुपंत म्हैसधुणेः इनकी आर्थिक स्थिति भी काफी मजबूत है। गोरख बोडकेः इस सूची में सबसे कम यानी 2 करोड़ 89 लाख रुपये की संपत्ति के साथ बोडके का नाम है।
चुनावी प्रक्रिया के दौरान कुछ उम्मीदवारों पर धोखाधड़ी और कानूनी मामले भी दर्ज हैं, जो चर्चा का विषय बने हुए हैं। हाल ही में जिलाधिकारी कार्यालय में नाम वापसी के दौरान जब नरेंद्र दराडे को आवेदन सौंपा गया, तो वहां मौजूद लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई।
इस चुनावी जंग में नरेंद्र दराडे, मोहम्मद खालीद अब्दुल रशीद, कुणाल दराडे, परवेज कोकणी, गोकुल गिते, गणेश गिते, प्रसाद हिरे, निवृत्ती बोडके और विष्णू म्हैसधुणे सहित कुल नौ उम्मीदवार वैध पाए गए है। इस चुनाव में धनबल और जनमत का मुकाबला अब किस करवट बैठता है, यह देखने वाली बात होगी। फिलहाल नासिक के राजनीतिक गलियारों में इन आंकड़ों की ही गूंज है।