मालेगांव मनपा चुनाव में बागियों की एंट्री ने बढ़ाया सियासी तापमान, दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर

Nashik News: मालेगांव मनपा चुनाव में 84 सीटों के लिए 301 उम्मीदवार मैदान में हैं। बागी और निर्दलीय प्रत्याशियों ने मुकाबला रोचक बना दिया है। दिग्गज नेता खुद प्रचार में उतर चुके हैं।
malegaon municipal corporation
मालेगांव महानगरपालिका (सोर्स: सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Malegaon Municipal Corporation Election: नासिक जिले मालेगांव मनपा की सत्ता के गलियारों तक पहुंचने के लिए शहर के तमाम राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इस चुनावी रणसंग्राम में जहां प्रमुख दलों ने अपने दिग्गज उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है, वहीं टिकट न मिलने से नाराज 'बागियों' और निर्दलीय उम्मीदवारों ने अभी नहीं तो कभी नहीं का नारा बुलंद कर मुकाबला बेहद रोचक बना दिया है।

301 उम्मीदवार आजमा रहे किस्मत

मालेगांव मनपा के 21 प्रभागों की 84 सीटों के लिए कुल 301 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। विभिन्न राजनीतिक दलों के 229 उम्मीदवारों के सामने 72 निर्दलीय और बागी उम्मीदवारों ने कड़ी चुनौती पेश की है। कई वर्षों से निष्ठा के साथ काम करने वाले कार्यकर्ताओं ने टिकट कटने पर निर्दलीय पर्चा भरकर पार्टी नेतृत्व की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। वोटों के बंटवारे के डर से अब बड़े नेताओं को खुद कमान संभालनी पड़ रही है।

मैदान में सक्रिय हुए 'महाबली'

अपने उम्मीदवारों को जीत दिलाने के लिए राज्य के शिक्षा मंत्री दादा भुसे, शिवसेना जिला प्रमुख संजय दुसाने, एमआईएम विधायक मुफ्ती इस्माईल, पूर्व विधायक आसिफ शेख, भाजपा नेता अद्वय हीरे और पूर्व महापौर ताहेरा शेख रशीद जैसे दिग्गज नेता खुद वार्डों में जाकर जनसंपर्क कर रहे हैं। ये नेता न केवल रैलियां कर रहे हैं, बल्कि 'एकमुश्त' वोट बैंक रखने वाले परिवारों से भी व्यक्तिगत संपर्क साध रहे हैं।

चर्चा में रहने वाले प्रमुख मुकाबले

प्रभाग 3 (अ): समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष शानेहिंद निहाल अहमद और एमआईएम की शमीम बानो के बीच सीधा और कड़ा मुकाबला है।

प्रभाग 4 (क): दिवंगत विधायक शेख रशीद के भाई शेख जलील (इस्लाम पार्टी) और एमआईएम के मोहम्मद लुकमान आमने-सामने हैं।

प्रभाग 9 (ब): पूर्व उपमहापौर सखाराम घोड़के की पत्नी लता घोड़के (शिवसेना) और राजश्री गिते (भाजपा) के बीच कांटे की टक्कर है, जहां भाजपा की बागी दीपाली वारुले ने मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है।

प्रभाग 9 (क): पूर्व उपमहापौर नरेंद्र सोनवणे (शिवसेना), गुलाब पगारे (भाजपा) और कैलाश तिसगे (शिवसेना-उबाठा) के बीच चतुष्कोणीय संघर्ष है।

वोटों का बिखराव बना सिरदर्द

प्रभाग 7 और 8 में भी निर्दलीय उम्मीदवारों के कारण वोटों के ध्रुवीकरण की संभावना है। समाजवादी पार्टी के मुस्तकीम डिग्निटी के सामने एमआईएम और कांग्रेस ने तगड़ी घेराबंदी की है। जानकारों का मानना है कि इस बार जीत का अंतर बहुत कम रहने वाला है, क्योंकि बागी उम्मीदवार पार्टी के आधिकारिक वोट बैंक में सेंध लगा रहे हैं।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com