दिव्यांग के लिए सुरक्षित निधि तत्काल खर्च करें

Municipal Corporation
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नाशिक : महानगरपालिका (Municipal Corporation) दिव्यांगों (Divyang) के लिए सुरक्षित रखी गई निधि को खर्च करने में टालमटोल कर रही है। इस वजह से विकलांगों (Handicapped) को बहुत सी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। दिव्यांगों को लिए सुरक्षित रखी गई 5 प्रतिशत निधि तत्काल खर्च की जाए, ऐसी मांग का ज्ञापन प्रहार दिव्यांग संगठन के शिष्टमंडल ने महानगरपालिका कमिश्नर रमेश पवार को सौंपा। सरकार के निर्णय के अनुसार दिव्यांग व्यक्तियों के कल्याण के लिए स्थानीय स्वराज्य संस्था की आय की पांच प्रतिशत निधि दिव्यांगों के सर्वांगीण विकास के लिए खर्च करना अनिवार्य है। 

राज्य मंत्री बच्चु कडू के प्रयासों से नाशिक महानगरपालिका में 2017 से सुरक्षित दिव्यांग निधि खर्च करने की शुरुआत हुई, लेकिन हर वर्ष शत-प्रतिशत निधि खर्च न होने के कारण दिव्यांगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। महानगरपालिका के समाज कल्याण विभाग की ओर से दिव्यांगों के लिए योजना क्रमांक 1 से 9 को अमल में लाया जाता है, इनमें से योजना क्रमांक 2 और 3 के लिए आवेदन बड़ी संख्या में किए जाते हैं, लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बाद भी इन आवेदनों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। योजना क्रमांक 2 में 18 से 40 वर्ष के आयु वर्ग के बेरोजगार व्यक्तियों को वित्तीय सहायता दी जाती है, जबकि योजना क्रमांक 3 में 40 वर्ष से अधिक आयु के दिव्यांगों को हर माह दो हजार रुपये अनुदान के रूप में दिए जाते हैं। 

जिन लाभार्थियों का अनुदान मंजूर हो गया है, उनके भी पांच-महीने बीत जाने के बाद भी अनुदान राशि का भुगतान नहीं हुआ है, इस ओर पूर्व महानगरपालिका कमिश्नर का ध्यान आकृष्ट कराया गया था, तत्कालीन आयुक्त अभिषेक कृष्णा ने दिव्यांगों को सुविधाएं घर तक पहुंचाने की दृष्टि से चलते-फिरते दिव्यांग अस्पताल की योजना शुरू की थी, उसे फिर से शुरू करने के अलावा अन्य बहुत सी मांगों संबंधी ज्ञापन वर्तमान महानगरपालिका कमिश्नर को सौंपा गया। 

जिन दिव्यांग व्यक्तियों को जाकिर हुसैन अस्पताल से दिव्यांग प्रमाण पत्र दिया गया है, उन्हें स्वावलंबन कार्ड दिया जाए, इतना ही नहीं  ठाणे, मुंबई महानगरपालिका की तर्ज पर शहर में बेरोजगार दिव्यांगों को स्टाल दिया जाए ऐसी मांग भी ज्ञापन के माध्यम से की गई है। दिव्यांग महिलाओं को घर बैठे काम महानगरपालिका की हद में आने वाली कंपनियों के माध्यम से देने की मांग भी ज्ञापन के माध्यम से की गई है। महानगरपालिका कमिश्नर को ज्ञापन सौंपते समय प्रहार जनशक्ति पार्टी के उत्तर महाराष्ट्र संपर्क प्रमुख दत्तु जी बोडके,  प्रहार दिव्यांग संगठन के जिलाध्यक्ष बबलु मिर्जा, शहराध्यक्ष ललित पवार, श्याम गोसावी आदि उपस्थित थे। 

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