

Kalpana Kharat Declared Absconding: नासिक के भोंदूबाबा अशोक खरात की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही है। नासिक सिन्नर में दर्ज 20वें आपराधिक मामले के बाद विवादित अशोक खरात को पुलिस ने हिरासत में लेकर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। जांच में सामने आए 52 करोड़ रुपये के कथित संदिग्ध लेनदेन और फर्जी खातों के बड़े नेटवर्क ने पूरे आर्थिक घोटाले की परतें खोल दी हैं।
वहीं अशोक खरात की पत्नी कल्पना खरात को फरार घोषित किया गया है। सिन्नर स्थित जगदंबा माता पतसंस्था में 32 फर्जी खाते खोले गए थे, जिनके माध्यम से करीब 52 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन किए गए। इन पैसों का उपयोग जमीन खरीद में किए जाने की बात सामने आई है, जिससे एक नया धोखाधड़ी का मामला भी दर्ज हुआ है।
जांच में यह भी सामने आया है कि वर्ष 2004 में पतसंस्था के जरिए संदिगध तरीके से जमीन खरीदी गई थी, जिसे अशोक खरात की पत्नी कल्पना खरात के नाम पर दर्ज किया गया। इसी लेनदेन को लेकर जमीन मालिक ने धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई है।
फर्जी लेनदेन से अर्जित धन से कई संपतिया नासिक, सिन्नर, शिर्डी और पुणे में खरीदी गई, जिनमें से अधिकांश संपत्तियां कल्पना खरात के नाम पर दर्ज बताई जा रही है। हालांकि उनकी गिरफ्तारी अभी नहीं हो सकी है, वह फिलहाल फरार है। यह मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है, क्योंकि कई जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बावजूद अब तक मुख्य रूप से अशोक खरात की गिरफ्तारी ही हो सकी है, जबकि अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच जारी है। इस प्रकरण में सिन्नर जगदंबा माता पतसंस्था के अध्यक्ष नामकर्ण आवारे को पहले गिरफ्तार किया जा चुका है।
बता दें कि कई महिलाओं के यौन शोषण का मामला सामने आने के बाद स्वयंभू ज्योतिषी और स्वयं को गॉडमैन बताने वाले अशोक खरात को नासिक पुलिस ने 18 मार्च 2026 की दरमियानी रात को गिरफ्तार किया था। खरात पर महिलाओं के यौन शोषण के अलावा अंधविश्वास फैलाने, धोखाधड़ी और जबरन वसूली के कई गंभीर आरोप हैं। गिरफ्तारी के बाद, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी उन पर 70 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज कर उन्हें हिरासत में लिया था।