

Nashik NMC Standing Committee Meeting: नासिक महानगरपालिका की स्थायी समिति की बैठक में शुक्रवार को उस समय विवाद की स्थिति पैदा हो गई, जब कार्यसूची के अलावा 33 अतिरिक्त विषयों को बिना किसी गहन चर्चा के अचानक मंजूरी दे दी गई। सभापति मच्छिंद्र सानप की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में प्रशासन की पारदर्शिता पर सदस्यों ने गंभीर सवाल उठाए।
बैठक के दौरान प्रशासन द्वारा प्रस्तुत किए गए अतिरिक्त विषयों ने सबको चौंका दिया। सदस्य किरण गामणे-दराडे ने इस मुद्दे को उठाते हुए नाराजगी जताई कि सदस्यों को इन विषयों की कोई पूर्व जानकारी नहीं दी गई थी। अधिकारियों के अनुसार, इन 33 विषयों में से 25 निर्माण विभाग और 8 ड्रेनेज विभाग से संबंधित थे। सदस्यों ने मांग की कि प्रशासन को यह स्पष्ट करना चाहिए कि ये विषय आखिर कौन से हैं और इन्हें इतनी जल्दबाजी में क्यों लाया गया।
बैठक में भ्रष्टाचार का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। सदस्य अदिति पांडे ने अतिक्रमण विभाग के कर्मचारियों पर हपताखोरी का आरोप लगाया और शहर में बढ़ते अतिक्रमण के लिए विभागीय भ्रष्टाचार को जिम्मेदार ठहराया। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए सभापति ने तत्काल अतिक्रमण विभाग के सभी वाहन प्रमुखों के तबादले के आदेश जारी कर दिए।
बैठक के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों के रवैये ने भी सदस्यों को नाराज किया, अतिरिक्त आयुक्त अमित रंजन के बैठक के बीच से अचानक चले जाने पर सदस्यों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की, सदस्यों ने अग्निशमन विभाग की भर्ती, मच्छरों के बढ़ते प्रकोप और सड़कों की बदहाली जैसे मुद्दों पर प्रशासन को जमकर पेरा।