विदर्भ में लौटती बारिश ने मचाया कहर, धान और सब्जी की फसलें चौपट, किसानों पर दोहरी मार

Vidarbha News: विदर्भ में लौटती बारिश ने नागपुर, गोंदिया, अमरावती, गड़चिरोली व भंडारा सहित कई जिलों में तबाही मचाई। धान व सब्जियों की फसलें चौपट, जनजीवन अस्त-व्यस्त, किसानों की चिंता बढ़ी।
vidarbha-rain-damage-farmers-crops-nagpur-gondia-bhandara
विदर्भ में बारिश (फोटो: नवभारत)
Updated on

Vidarbha rain News: विदर्भ के जिलों में लौटती हुई बारिश ने शनिवार को एक बार फिर जोरदार दस्तक दी। नागपुर समेत चंद्रपुर, गोंदिया, गड़चिरोली, भंडारा, वर्धा, यवतमाल, अमरावती, अकोला, बुलढाणा और वाशिम जिले बारिश की चपेट में आए। कहीं दोपहर तो कहीं शाम को अचानक हुई धुआंधार बारिश ने शहरी और ग्रामीण इलाकों में जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। बारिश ने किसानों और आम नागरिकों की चिंता और बढ़ा दी है।

गड़चिरोली जिले में पिछले तीन दिनों से लगातार मूसलाधार बारिश जारी है। यहां धान की फसल को भारी नुकसान हुआ है। खेतों में पानी भरने से किसानों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है। वहीं, अमरावती में शनिवार को करीब 3.30 से 5 बजे तक डेढ़ घंटे चली तेज बारिश ने शहर को अस्त-व्यस्त कर दिया। जगह-जगह पानी भरने से यातायात भी बाधित हुआ।

गोंदिया केू पुजारीटोला बांध के 8 गेट खोले

गोंदिया जिले में भी बारिश का कहर जारी है। पिछले तीन दिनों से बिजली की गड़गड़ाहट और तेज बारिश से हालात बिगड़े हुए हैं। शनिवार 27 सितंबर को सुबह हल्की बारिश के बाद शाम करीब 5.50 बजे मूसलाधार बारिश शुरू हुई। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सालेकसा तहसील के पुजारीटोला बांध के 8 गेट खोलने पड़े।

भंडारा में भारी नुकसान

भंडारा जिले में भी 26 और 27 सितंबर की रात भर हुई भारी बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। औसतन 31 मिमी बारिश दर्ज की गई। इस बारिश से धान और सब्जियों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। मोहाडी, तुमसर और में क्षेत्र में शुक्रवार रात 11 बजे के आसपास चली तेज आंधी और बारिश से तबाही मच गई।

किसानों पर डबल मार

लगातार बारिश और बाढ़ जैसे हालात ने खेतों में लगी धान की फसल को बर्बाद कर दिया है। ग्रामीण इलाकों में सब्जियों और अन्य खरीफ फसलों को भी बड़ा नुकसान झेलना पड़ा है। एक ओर खरीफ का सीजन अपने अंतिम चरण में है, वहीं इस बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। अब उनकी नजरें सरकार और प्रशासन की ओर मदद की उम्मीद में टिकी हैं।

Navbharat Live
navbharatlive.com