

Nagpur Tomato Crop Damage: नागपुर विदर्भ में जारी भीषण गर्मी और हाई टेम्परेचर का सीधा असर अब आम जनता की जेब पर पड़ने लगा है। अत्यधिक तापमान के कारण नागपुर और आसपास के विदर्भ के इलाकों में टमाटर की स्थानीय फसल पूरी तरह झुलसकर खराब हो चुकी है जिससे लोकल आवक शून्य हो गई है। इस वजह से नागपुर की कलमना मंडी सहित अन्य बाजारों में टमाटर की आवक नहीं हो रही है। टमाटर अब केवल बेंगलुरु, चिकमगलूर और मदनपल्ली से मंगाया जा रहा है, जबकि नाशिक और संगमनेर जैसे नजदीकी इलाकों से भी फिलहाल आवक बंद है।
इस कारण नागपुर में टमाटर के दामों में उछाल आया है। टमाटर रसोई का सबसे अहम हिस्सा माना जाता है। सब्जी, दाल, ग्रेवी, सलाद और चटनी तक में इसका इस्तेमाल होता है। ऐसे में पेट्रोल के बाद टमाटर कीमत बढ़ने का असर सीधे गृहिणियों के किचन के बजट पर पड़ा है। इससे होटल-रेस्टोरेंट कारोबार भी प्रभावित। होने की आशंका है प्राप्त जानकारी के अनुसार इस समय नागपुर की कलमना मंडी सहित अन्य मार्केट में रोजाना करीब 20 से 22 गाड़यिों से टमाटर की आवक हो रही है।
व्यापारियों ने कहा कि नागपुर में मांग के लिहाज से आवक काफी हद तक पर्याप्त है लेकिन लोकल आवक उप होने से टमाटर के दाम बढ़े है। व्यापारियों का कहना है कि डीजल के दाम बढ़ने से भी ट्रांसपोर्टेशन शुल्क उतना नहीं बड़ा है लेकिन आवक ने महंगाई को बल दिया है।
थोक बाजार में पिछले 15 दिनों में करीब 20 से 25 रुपए प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई। वहीं खुदरा बाजार (चिलर) में दाम में करीब 25 से 30 रुपए प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है। मतलब खुदरा कीमतें भी लगभग दोगुनी हो गई हैं। खुदरा सब्जी विक्रेता मोहम्मद अवरार ने बताया कि पिछले महीने कलमना मंडी में टमाटर 20 रुपए किलो तक पड़ रहा था, लेकिन अब थोक दाम में 40 रुपए प्रति किलो से शुरू हो रहा है। चिलर में टमाटर इस समय 50 से 60 रुपए किलो बिक रहा है, जबकि पंद्रह दिन पहले 25 से 30 किलो बेचा गया।
पेट्रोल-डीजल के दामों से ज्यादा सब्जियों की कीमतों पर सीधा असर उनकी आइक और मौसम की मार का पड़ रहा है। नागपुर के आसपास टमाटर की लोकल फसल पर मौसम की मार असर पड़ा है। स्थानीय आवक नहीं होने से टमाटर के दाम बढ़ गए है। हर साल टमाटर की स्थानीय आवक चरमराती है लेकिन इस बार अधिक गर्मी ने ज्यादा प्रभावित किया है।
- नागपुर, सचिव, महात्मा फुले सब्जी एवं कल आदतिया एसोसिएशन, राम महाजन