

नागपुर. खापरखेड़ा पावर प्लांट के अधिकारियों ने आसपास के करीब 40 ग्राम पंचायतों को पत्र लिखकर फ्री में फ्लाई ऐश ले जाने का अनुरोध किया है. कोई भी जरूरतमंद ग्रामीण नांदगांव और वारेगांव पांड से फ्लाई ऐश नि:शुल्क ले जा सकता है. पावर प्लांट की तरफ से वाहनों में लोडिंग भी फ्री में की जा रही है. राख ले जाने वाले को सिर्फ वाहन का किराया देना है.
खापरखेड़ा पावर प्लांट के चीफ इंजीनियर आरएस घुगे ने बताया कि नांदगांव और वारेगांव में फ्लाई ऐश की डंपिंग पूरी तरह से रोक दी गई है. कोयले के राख से भरे पांड को भी खाली किया जा रहा है.
फिलहाल गांव में संचालित ईंट भट्ठों को राख दिया जा रहा है. पावर प्लांट के आसपास बसे करीब 40 गांवों के सरपंचों को भी नि:शुल्क राख ले जाने की सूचना दे दी गई है. प्रत्येक व्यक्ति को सूचना देना संभव नहीं है, इसलिए गांव के जरूरतमंद व्यक्ति को सूचना देने का काम सरपंच करेगा.
चीफ इंजीनियर घुगे ने बताया कि कामठी में रोड बन रहा है, जिसमें राख की खपत हो सकती है. इसके लिए जिलाधिकारी को पत्र लिखा गया है. उन्होंने बताया कि फ्लाई ऐश का डिस्पोजल करने वाली पाइप लाइन को भी स्थायी रूप से काट दिया गया है तथा डंपिंग को पूरी तरह से रोक दिया गया है. उच्च अधिकारियों से अनुमति मिलने के बाद पाइप लाइन को भी हटा दिया जाएगा.
उन्होंने कहा कि सरकार की गाइडलाइन के अनुसार प्रदूषण को कम किया जाएगा. उल्लेखनीय है कि पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे ने 14 फरवरी को खापरखेड़ा पावर प्लांट से फैल रहे प्रदूषण का जायजा लिया था तथा ग्रामीणों की शिकायत सुनने के बाद अधिकारियों को प्रदूषण कम करने का आदेश दिया था. उन्होंने नांदगांव और वारेगांव फ्लाई ऐश पांड को 15 मार्च तक खाली करने का आदेश दिया है. इसके बाद पावर प्लांट के अधिकारी आनन-फानन में ऐश पांड को खाली करने में जुट गए हैं.