नागपुर SBL ब्लास्ट: फॉरेंसिक एक्सपर्ट उकुंडे पहुंचे हाईकोर्ट, 10 मौतों के असली कारण का पता लगाने का किया दावा

Nagpur SBL Energy Blast: नागपुर के SBL एनर्जी ब्लास्ट मामले में बड़ा मोड़ आया है। फॉरेंसिक एक्सपर्ट नीलेश उकुंडे ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर जांच समिति में मुफ्त शामिल होने की अनुमति मांगी।
Nagpur SBL Energy Blast Case Forensic Expert Nilesh Ukunde Petition In High Court
नागपुर के SBL एनर्जी में हुए ब्लास्ट का दृश्य (फाइल फोटो, सोर्स: सोशल मीडिया)
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Forensic Expert Nilesh Ukunde Petition In High Court : नागपुर जिले के एसबीएल एनर्जी लिमिटेड में हुए भीषण विस्फोट मामले की जांच में एक नया मोड़ आ गया है। इस दर्दनाक हादसे में 10 से अधिक मासूम मजदूरों की जान चली गई थी। अब इस मामले की जांच कर रही केंद्र सरकार की उच्च स्तरीय जांच समिति में शामिल होने के लिए देश के जाने-माने फॉरेंसिक फायर एंड एक्सप्लोसिव एक्सपर्ट नीलेश बलवंतराव उकुंडे ने हाई कोर्ट में चल रही जनहित याचिका में हस्तक्षेप आवेदन दायर किया है।

विशेषज्ञ नीलेश उकुंडे ने अदालत में दायर अपने आवेदन में वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा गठित उच्च स्तरीय जांच समिति का हिस्सा बनने की अनुमति मांगी है। उकुंडे का तर्क है कि ऐसे भीषण विस्फोटों के पीछे के सटीक कारणों का पता लगाना एक बेहद तकनीकी और जटिल कार्य है, जिसके लिए व्यापक विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है। उनका दावा है कि वर्तमान सरकारी जांच टीम में कोई भी ऐसा अन्य फॉरेंसिक फायर एंड एक्सप्लोजन विशेषज्ञ मौजूद नहीं है, जो इस हादसे के मूल कारण की सटीक रिपोर्ट दे सके।

हादसे का सही कारण पता होने का दावा

फॉरेंसिक फायर एंड एक्सप्लोसिव एक्सपर्ट नीलेश उकुंडे ने अदालत को बताया कि उन्होंने घटना के दिन ही घटनास्थल का मुआयना किया था। उन्होंने विस्फोट से जुड़े महत्वपूर्ण वीडियो और तस्वीरों का विश्लेषण करके 'विस्फोट के सही कारण' का पता लगा लिया है। उन्होंने यह जानकारी और अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को सौंप भी दी थी, लेकिन जांच अधिकारियों ने उन्हें आगे की प्रक्रिया के लिए नहीं बुलाया।

मुफ्त में सेवाएं देने की पेशकश

अदालत के समक्ष उकुंडे ने स्पष्ट किया कि वे इस उच्च स्तरीय जांच टीम में एक भी पैसा लिए बिना काम करने के इच्छुक हैं। वे अपनी यह विशेषज्ञ सेवा उन मासूम मजदूरों को श्रद्धांजलि के रूप में दे रहे हैं, जिन्होंने इस भयावह विस्फोट में अपनी जान गंवा दी।

कौन है फॉरेंसिक एक्सपर्ट नीलेश उकुंडे?

फॉरेंसिक एक्सपर्ट नीलेश उकुंडे के पास आग और विस्फोट की जांच के 700 से अधिक मामलों का अनुभव है। उन्होंने नेशनल फायर सर्विस कॉलेज, नागपुर से बी।ई। (फायर इंजीनियरिंग) की डिग्री हासिल की है और लगभग 23 वर्षों तक नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फायर, डिजास्टर एंड एनवायरनमेंट मैनेजमेंट, नागपुर में प्रिंसिपल के पद पर रहे हैं। अमेरिका के 'UL प्रमाणित' फायर फॉरेंसिक एक्सपर्ट हैं।

हाल ही में उन्होंने कई अत्यंत संवेदनशील मामलों की जांच की है, जिनमें उज्जैन के महाकाल मंदिर के गर्भगृह में लगी आग, सिकंदराबाद में जयपुर एक्सप्रेस में आग, नागपुर की सोलर इंडस्ट्रीज का RDX प्लांट ब्लास्ट और पुणे की SVS एक्वा में हुआ विस्फोट (जिसमें 18 मजदूरों की मौत हुई थी) प्रमुख हैं। उन्होंने 1992 में बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद हुए दंगों और 1993 के मुंबई बम धमाकों के दौरान भी लोगों की जान बचाने का काम किया था। तेलंगाना, मध्य प्रदेश, और महाराष्ट्र पुलिस समेत कई सरकारी विभागों ने उनकी सटीक और वैज्ञानिक जांच के लिए उन्हें कई प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया है ।

न्यायालय से लगाई गुहार

विशेषज्ञ नीलेश उकुंडे ने बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ से प्रार्थना की कि न्याय और सटीक वैज्ञानिक जांच के हित में संबंधित अधिकारियों को उचित निर्देश दिए जाएं ताकि उन्हें इस उच्च स्तरीय जांच समिति में शामिल किया जा सके। इस मामले पर अदालत का रुख अब एसबीएल विस्फोट के असल कारणों को उजागर करने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।

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