

नागपुर: विधानमंडल के अधिवेशन के लिए बाहर से आए नेता व कार्यकर्ता जमकर सावजी डिश के चटकारे ले रहे हैं। इसके चलते शहर के सावजी भोजनालय हाउसफुल चल रहे हैं। नेताओं व कार्यकताओं की भीड़ देख सावजी संचालक भी गदगद हैं। इस समय वह सावजी भोजनालय भी चल रहे हैं, जो खाली पड़े रहते थे।
सेशन खत्म होने के बाद रात में सावजी के बाहर नेता व प्रतिनिधि की गाड़ियों का रैला लग रहा है। हर वर्ष सेशन में आने वाले नेता सावजी खाने का स्वाद लेना नहीं भूलते। सावजी में नॉनवेज ही नहीं बल्कि वेज का भी अपना एक अलग ही जलवा है।
सावजी के लिए नागपुर पूरी दुनिया में फेमस है। संतरा बर्फी की तरह ही लोग देश-विदेश से सावजी का स्वाद लेने आते हैं। सावजी खाना तीखा व मसालेदार होता है। सिल बट्टे पर पीसकर मसाला तैयार किया जाता है जिससे इसका जायका काफी अधिक बढ़ जाता है।
नेता-प्रतिनिधि जहां स्वयं पहुंचकर सावजी का चटकारा ले रहे हैं वहीं वे ऑनलाइन फूड मंच का भी सहारा ले रहे हैं। इसके चलते जोमैटो जैसे ऑनलाइन फूड डिलीवरी एप से जमकर सावजी मंगवाया जा रहा है। गोलीबार चौक के साथ-साथ टेलीफोन एक्सचेंज चौक, सीए रोड, वर्धा रोड सहित विविध स्थानों के सावजी भोजनालय हाउसफुल चल रहे हैं।
नेता व कार्यकर्ताओं की भीड़ जमने के कारण आम लोगों को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। सावजी भोजनालय में काफी देर तक भीड़ डटी रहने के कारण कई लोग बिना खाये निकल जा रहे हैं।
देखा जाए तो सावजी की पहचान उमरेड से होती है वहीं से यह निकलकर पूरे नागपुर में फैला है। वहां पर घर-घर में सावजी खाना बनता है। वहां का सावजी वेज-नॉनवेज का टेस्ट इतना जबरदस्त रहता है कि आम लोगों के साथ नेता भी वहां पर पहुंचते हैं। वहां पर कुछ सावजी इतने फेमस हैं कि वहां पर हमेशा ही भीड़ लगती है।
नागपुर सहित विविध स्थानों से लोग वहां पर सावजी खाने के लिए पहुंचते हैं। इस बार का अधिवेशन कम समय के लिए है। बावजूद इसके सावजी में भीड़ अच्छी जम रही है। अधिक दिनों के लिए सेशन रहता है तो सावजी भोजनालय वालों को तैयारियां भी वैसे ही करनी पड़ती है।