रितु मालू ने जांच एजेंसी को किया गुमराह, स्टेट सीआईडी का हाई कोर्ट में हलफनामा

सिटी के बहुचर्चित रामझूला हिट एंड रन मामले में अदालतों से लगातार राहत ठुकराए जाने के बावजूद गत माह फिर से रितु मालू द्वारा जमानत के लिए हाई कोर्ट में अर्जी दायर की गई। हालांकि इसमें अभी राहत मिलना बाकी है।
रितु मालू ने जांच एजेंसी को किया गुमराह, स्टेट सीआईडी का हाई कोर्ट में हलफनामा
रितु मालू व नागपुर हाई कोर्ट (सोर्स-सोशल मीडिया)
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नागपुर: सिटी के बहुचर्चित रामझूला हिट एंड रन मामले में अदालतों से लगातार राहत ठुकराए जाने के बावजूद गत माह फिर से रितु मालू द्वारा जमानत के लिए हाई कोर्ट में अर्जी दायर की गई। हालांकि इसमें अभी राहत मिलना बाकी है। एक ओर जहां मालू एमसीआर में जेल में है वहीं अब इस जमानत की अर्जी में भी शिकायतकर्ता ने अभियोजन पक्ष की मदद के लिए अर्जी दायर की है।

गुरुवार को सुनवाई के दौरान स्टेट सीआईडी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नयन अलुरकर ने हलफनामा पेश किया जिसमें बताया गया कि रितु मालू ने जांच एजेंसी को गुमराह करने का प्रयास किया है। आर्थिक रूप से मजबूत होने के कारण अभियोजन पक्ष के गवाहों के साथ छेड़छाड़ की संभावना है। दोनों पक्षों की दलीलों के बाद कोर्ट ने 26 नवंबर तक के लिए सुनवाई स्थगित कर दी। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधि। अक्षय नाईक और अधि। एएस मनोहर तथा शिकायतकर्ता की ओर से अधि। अतुल हुंगे ने पैरवी की।

जांच में सहयोग करने से परहेज

हलफनामा में बताया गया कि यह घटना फरवरी 2024 में हुई थी लेकिन वर्तमान आरोपी ने चालाकी से कानूनी दांवपेंच खेले और जांच में सहयोग करने से परहेज किया। वर्तमान आरोपी की टेस्ट परेड कराई गई जिसमें उसकी पहचान की गई है। यह दिखाने के लिए पर्याप्त सबूत है कि आरोपी अपराध में शामिल है। हलफनामा में बताया गया कि आरोपी को फरार होने में मदद करने वाले 2 पुलिस अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है। शुरू में दुर्घटना में शामिल कार को स्थानीय पुलिस ने बिना सुपुर्दनामा के छोड़ दिया था जिससे पता चलता है कि आरोपी प्रभावशाली व्यक्ति है। हलफनामा में फिलहाल जांच जारी होने की जानकारी भी कोर्ट को दी गई।

सीआईडी को मिली थी कस्टडी

ज्ञात हो कि रितु ने शराब के नशे में अपनी कार से रामझूला पर दोपहिया वाहन पर सवार युवकों को उड़ा दिया था। इस हादसे में दोनों युवकों की मौत हो गई। लंबी कानूनी लड़ाई लड़ने के बाद आखिर प्रकरण की जांच सीआईडी को सौंपी गई। सीआईडी को रितु की कस्टडी भी मिली और अब वह जेल की हवा खा रही है। मालू के वकील द्वारा सत्र न्यायालय को बताया गया था कि प्रकरण की जांच पूरी हो चुकी है, इसीलिए उसे जमानत मिलनी चाहिए।

रितु की 13 वर्षीय बेटी मिर्गी की बीमारी से ग्रस्त है। उसके उपचार के दस्तावेज भी न्यायालय के समक्ष रखे गए। बच्ची की देखभाल के लिए मां का घर पर होना जरूरी है। सरकारी पक्ष का मानना था कि यह एक गंभीर अपराध है। सीआईडी अब भी प्रकरण की जांच कर रही है। रितु ने जांच में सहयोग नहीं किया है। वह लंबे समय तक फरार थी। जमानत मिलने से वह दोबारा फरार हो सकती है और जांच प्रभावित हो सकती है।

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