बिहार में महागठबंधन फूट के कगार पर! रामदास आठवले बोले- NDA को होगा सीधा फायदा

Bihar Elections 2025: रामदास आठवले ने कहा कि बिहार में महागठबंधन की सीटें अब तक तय नहीं हुईं, मतभेद जारी हैं, जिससे एनडीए को फायदा होगा और नीतीश फिर से मुख्यमंत्री बनेंगे।
महायुति को राज ठाकरे की जरूरत नहीं, रामदास आठवले ने MNS प्रमुख पर कसा तंज
रामदास आठवले (सोशल मीडिया)
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Nagpur News: केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर महागठबंधन पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि बिहार में महागठबंधन के दलों के बीच सीटों का बंटवारा अभी तक नहीं हो पाया है, जिससे उनके भीतर मतभेद स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।

रामदास आठवले ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, "कांग्रेस और तेजस्वी यादव के सहयोगियों का अभी तक गठबंधन नहीं हो पाया है। सीटों को लेकर विवाद जारी है। यदि उनका गठबंधन नहीं हुआ, तो वे अपने बलबूते पर चुनाव लड़ेंगे।"

उन्होंने आगे कहा कि यदि महागठबंधन में फूट बनी रही तो एनडीए की सीटों में भारी वृद्धि होगी और बिहार में पुनः नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार बनेगी।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उनकी पार्टी आरपीआई (ए) पूरी तरह से एनडीए का समर्थन करेगी और वे स्वयं बिहार में प्रचार अभियान में हिस्सा लेंगे। रामदास आठवले ने दोहराया, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि चुनाव नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ा जा रहा है और सरकार बनने के बाद भी वे ही मुख्यमंत्री रहेंगे।'

महाराष्ट्र की राजनीति पर पूछे गए सवाल के जवाब में रामदास आठवले ने कहा कि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के एक होने की संभावना पर वे आश्वस्त नहीं हैं। उन्होंने कहा, "राज ठाकरे के महाविकास अघाड़ी में आने से सब एकमत नहीं होंगे। कांग्रेस पार्टी संभवतः अलग चुनाव लड़ेगी, जबकि एनसीपी (शरद पवार गुट) समर्थन कर सकती है।"

उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस का रुख पूरी तरह केंद्रीय नेतृत्व पर निर्भर करेगा, लेकिन उन्हें नहीं लगता कि कांग्रेस हाईकमान राज ठाकरे के साथ जाने का निर्णय करेगा।

आठवले ने कहा कि लोकसभा चुनाव में जब राज ठाकरे बीजेपी गठबंधन के साथ थे, तब कोई खास लाभ नहीं हुआ, जबकि विधानसभा चुनाव में उनके अलग रहने से महायुति को फायदा हुआ। उन्होंने यह भी दावा किया कि मुंबई में 40 प्रतिशत मराठी वोटर हैं, जिनमें से लगभग 20 प्रतिशत वोट एनडीए के पक्ष में आने की संभावना है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'भारत अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा' बयान पर रामदास आठवले ने प्रतिक्रिया दी। उन्‍होंने कहा कि ट्रंप और पीएम मोदी डैशिंग आदमी हैं। दोनों अगर एक साथ आएंगे तो बड़ा बदलाव संभव है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और भारत के बीच संबंध ऐतिहासिक रूप से मजबूत हैं और अमेरिका में 50 लाख से अधिक भारतीय रहते हैं।

केंद्रीय राज्य मंत्री आठवले ने प्रधानमंत्री मोदी के निर्णयों की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने हमेशा देशहित में फैसले लिए हैं। ट्रंप के साथ दोस्ती करना भी भारत के हित में है, इसका मैं स्वागत करता हूं।

कांगेस नेता राहुल गांधी द्वारा दिए गए 'प्रधानमंत्री मोदी ट्रंप से डर गए हैं' वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा, 'राहुल गांधी जो बोलते हैं, उस पर हम ध्यान नहीं देते। हम देश के विकास के लिए काम कर रहे हैं।'

उन्होंने आगे कहा कि पीएम मोदी किसी से डरने वाले नहीं हैं। राहुल गांधी के बयान में कोई तथ्य नहीं है। प्रधानमंत्री और हम सभी राष्ट्रहित में कार्य करते हैं, डरना हमारे स्वभाव में नहीं है। -एजेंसी इनपुट के साथ

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