OCGC के 10वें स्थापना दिवस पर गडकरी बोले- विदर्भ के कपास से बनें इंटरनेशनल ब्रांड, 6800 महिलाओं को रोजगार

Nagpur OCGC: नागपुर में OCGC के 10वें स्थापना दिवस पर नितिन गडकरी, गिरिराज सिंह ने गारमेंट उद्योग से अपना अंतरराष्ट्रीय ब्रांड बनाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाने की अपील की।
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नितिन गडकरी, गिरिराज सिंहसोर्स- सोशल मीडिया
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Orange City Garment Cluster: ऑरेंज सिटी गारमेंट क्लस्टर (ओसीजीसी) ने पिछले 10 वर्षों में जो अनुभव और दक्षता हासिल की है, उसके बल पर अब उसे वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा करने योग्य अपना खुद का अंतरराष्ट्रीय ब्रांड विकसित करना चाहिए। उत्पाद की गुणवत्ता, विश्वसनीयता, निरंतरता, नवाचार और मूल्य संवर्धन पर ध्यान केंद्रित करके ओसीजीसी विश्व स्तर पर अपनी एक नई पहचान बनाए।

यह आह्वान केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने किया। वे कौशल विकास, रोजगार सृजन और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने वाले 'ऑरेंज सिटी गारमेंट क्लस्टर प्राइवेट लिमिटेड' के 10वें स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह में केंद्रीय वस्त्रोद्योग मंत्री गिरिराज सिंह विशेष रूप से उपस्थित थे।

वस्त्रोद्योग मंत्री गिरिराज सिंह निर्यात योग्य गुणवत्ता के उत्पाद बनाएं

कार्यक्रम में उपस्थित केंद्रीय वस्त्रोद्योग मंत्री गिरिराज सिंह ने भारतीय कंपनियों का आह्वान करते हुए कहा कि उन्हें वैश्विक पहचान बनाने वाले ब्रांड विकसित करने चाहिए और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उत्पादन करना चाहिए।

वैश्विक कपड़ा क्षेत्र में भारत की हिस्सेदारी को और मजबूत करने के लिए उद्योग जगत को निर्यात योग्य गुणवत्ता, नवाचार, ब्रांडिंग और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है। विपुल पंचमतिया, नीरज सेठी, चंदीर खेमचंदानी और सुबोध झुनझुनवाला ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और गिरिराज सिंह का स्वागत किया।

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नितिन गडकरी ने कहा कि युवाओं के लिए वरदान

नितिन गडकरी ने कहा कि विदर्भ क्षेत्र में कपास का उत्पादन बड़े पैमाने पर होता है और यहां वस्त्रोद्योग व गारमेंट क्षेत्र के विकास की अपार संभावनाएं है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि विदर्भ से बड़ी मात्रा में कच्चा कपास बाहर भेजा जाता है।

जिसका प्रसंस्करण होकर तैयार उत्पाद घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बिकता है। यदि स्थानीय स्तर पर ही कपास पर प्रसंस्करण करके गारमेंट उद्योग को बढ़ावा दिया जाए, तो इससे न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

6,800 से अधिक महिलाओं को मिला रोजगार

कौशल विकास और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में ओसीजीसी द्वारा किए गए कार्यों की प्रशंसा करते हुए गडकरी ने बताया कि संस्था ने अब तक 6,800 से अधिक महिलाओं को, विशेष रूप से समाज के वंचित वर्गों की महिलाओं को प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया है।

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