

Nagpur Politics: ओबीसी आरक्षण को लेकर राज्य में राजनीति जारी है। कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने फिर ओबीसी नेता छगन भुजबल, मराठा आरक्षण के लिए लड़ने वाले मनोज जरांगे को आड़ेहाथ लिया है। नागपुर में पत्रकारों से चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि अगर सचमुच 2 सितंबर का ओबीसी विरोधी जीआर रद्द होने वाला है तो मैं छगन भुजबाल के पैर पड़ने को तैयार हूं।
उसके बाद उनके नेतृत्व में ओबीसी समाज के लिए आगे काम करने को भी तैयार हूं। दरअसल, भुजबल ने कहा था कि ओबीसी का भला केवल देवेन्द्र फडणवीस ही करते हैं। वडेट्टीवार ने कहा कि दूसरी ओर मनोज जरांगे कहते हैं कि मराठा आरक्षण देने वाला और मराठाओं को ओबीसी में समाविष्ट करने वाले फडणवीस ही हैं।
उन्होंने कहा कि अगर दोनों को फडणवीस हीरो लग रहे हैं तो वे उनके नाम से ढोल बजाएं और बताएं कि ओबीसी की समस्या हल हो गई है और मोर्चा, सम्मेलन, आंदोलन बंद कर दें।
विजय वडेट्टीवार ने कहा कि कुणबी मराठा, कुणबी जैन, कुणबी सोना ऐसा उल्लेख है। उस समय जो खेती करते थे उन्हें कुणबी कहा जाता रहा होगा। हमारी भूमिका स्पष्ट है कि जिन मराठाओं के कागजातों में कुणबी लिखा है उन्हें ही ओबीसी में समाविष्ट करें लेकिन फडणवीस सरकार ने जो 2 सितंबर को जीआर निकाला है उसमें सरसकट मराठा समाज को कुणबी प्रमाणपत्र देने का रास्ता खोल दिया है। इसका हम विरोध कर रहे हैं।