

Nagpur Vande Mataram Controversy: नागपुर महानगर पालिका की आम सभा में 'वंदे मातरम' के अधूरे गायन को लेकर महापौर नीता ठाकरे द्वारा जांच के आदेश दिए जाने के बाद पूरे प्रशासन में हड़कम्प मचा हुआ है। महापौर ने जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त और कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं।
उल्लेखनीय है कि भाजपा की ओर से वंदे मातरम को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर मुद्दा उठाया जा रहा है। यहां तक कि विपक्ष को निशाने पर लिया जा रहा है। ऐसे में भाजपा की सत्ता वाली महानगर पालिका में ही इसके अधूरे गायन को अब महापौर की ओर से गंभीरता से लिया जा रहा है जिससे इसे लेकर कार्रवाई होने की ठोस संभावना जताई जा रही है।
इस लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए महापौर नीता ठाकरे ने अपने पत्र में कहा है कि 'वंदे मातरम' हमारे देश के स्वतंत्रता संग्राम का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रेरणादायी गीत है। ऐसे में सभी से इसके प्रति उचित सम्मान और अनुशासन बनाए रखने की अपेक्षा की जाती है। महानगर पालिका की आधिकारिक और इतनी महत्वपूर्ण आमसभा में इस तरह की घटना का होना बिल्कुल अनुचित है और इस पर गंभीरता से संज्ञान लेने की आवश्यकता है।
कारणों की जांच 20 अगस्त 2026 की आम सभा में 'वंदे मातरम' का अधूरा गायन किन कारणों से हुआ, इसकी तत्काल जांच की जाए। दोषियों पर कार्रवाई इस मामले से संबंधित जी भी लोग जिम्मेदार हैं, उनकी जवाबदेही तय कर उन पर उचित कार्रवाई की जाए।
भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृति न हो। इसके लिए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक सूचनाएं एवं सख्त निर्देश जारी किए जाए
स्थायी कार्यपद्धति (प्रोटोकॉल) का निर्धारण: भविष्य की सभी सभाओं में राष्ट्रगान (जन गाग मन) और 'वंदे मातरम' के गायन के लिए एक स्पष्ट और उचित कार्यपद्धति सुनिश्चित की जाए ताकि आगे से कोई भ्रम या लापरवाही न हो।
एक ओर जहां महापौर की ओर से मनपा आयुक्त को पत्र दिया गया वहीं दूसरी ओर शुक्रवार को हुई स्थायी समिति की बैठक में भी सभापति की ओर से कड़ी नाराजगी जताई गई, बैठक में निगम सचिव द्वारा यह कहने पर कि नियमों के अनुसार केवल दो ही पैराग्राफ गाए जाते हैं, सभापति ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई और केंद्र सरकार के नियमों का हवाला दिया। निगम सचिव और जोन के सहायक आयुक्त को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि इस मामले में असली दोषियों की जिम्मेदारी तय की जा सके।
विरोधी पक्ष नेता संजय महाकालकर ने कहा कि मनपा की सभा की शुरुआत हमेशा परंपरानुसार राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के मायन से होती है लेकिन 20 अगस्त 2026 को संपन्न हुई मनया की सर्वसाधारण सभा में वंदे मातरम' को पूरा नहीं गाया गया और इसे बीच में ही छोड़ दिया गया जिससे राष्ट्रीय गीत का अपमान हुआ।
उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि 'वंदे मातरम' के गायन की निर्धारित समयावधि 3 मिनट 10 सेकंड है और किसी भी सरकारी कार्यक्रम या सभा में इसके दौरान अनुशासन का पालन करते हुए खड़े रहना अनिवार्य होता है।
महाकालकर ने सदन में अनुशासनहीनता का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जब 'वंदे मातरम' शुरू होता है तो सदन में उपस्थित सभी लोगों को सावधान मुद्रा में खड़ा होना चाहिए लेकिन इस दौरान यह देखा गया कि कुछ सदस्य सदन में घूम रहे थे जो कि पूरी तरह से गलत है, इस घटना को लेकर भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि मनपा के भाजपा पदाधिकारी शायद कांग्रेस की विचारधारा से सहमत हो गए है।