

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सिंदी रेलवे में मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क का भूमिपूजन किया।
परियोजना के लिए सिंदी रेलवे स्टेशन के पास 150 एकड़ भूमि निर्धारित की गई है।
कपास, सूत, कपड़ा, संतरे और सब्जियों के निर्यात को बढ़ावा देने की योजना है।
कंटेनर परिवहन लागत 1.5 लाख से घटकर करीब 1 लाख रुपये होने का अनुमान है।
Nitin Gadkari Sindi Railway Multi Model Logistics Park: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि सिंदी रेलवे में विकसित किया जा रहा मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सीधे निर्यात को बढ़ावा देगा, साथ ही इससे स्थानीय निवासियों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
इस परियोजना का विकास भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की विशेष प्रयोजन इकाई नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड द्वारा अमारा ट्रांस सोल्यूशन्स के माध्यम से किया जा रहा है।
वे सिंदी रेलवे में परियोजना के भूमिपूजन समारोह में संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर वर्धा के पालक मंत्री डॉ. पंकज भोयर, विधायक समीर कुणावार, जिलाधिकारी वनमति सी।, पूर्व सांसद रामदास तड़स और सिंदी रेलवे नगर परिषद की अध्यक्ष रानी कालोडे सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि इस मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क के माध्यम से विदर्भ के कपास, कपास की गांठें, सूत, संतरे और सब्जियों का जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी के जरिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सीधे निर्यात किया जा सकेगा।
इस परियोजना से मुंबई कोलंबो-ढाका मार्ग के माध्यम से विदर्भ से माल परिवहन में लगने वाला समय भी कम होगा। उन्होंने बताया कि इस परियोजना से मारुति कारों को ले जाने वाली पहली मालगाड़ी (रैक) का संचालन पहले ही शुरू हो चुका है।
कोल्ड स्टोरेज की सुविधा।
आधुनिक वेयरहाउस और गोदाम
नागपुर और वर्धा के प्रमुख उद्योगों के लिए माल एकत्रीकरण की व्यवस्था।
कंटेनर परिवहन और भंडारण की आधुनिक सुविधाएं।
निर्यातक क्लस्टर का विकास।
सिंदी रेलवे में कस्टम कार्यालय भी स्थापित किया जाएगा। इससे देश-विदेश से आने वाले कंटेनरों का संचालन और सीमा शुल्क संबंधी प्रक्रियाएं स्थानीय स्तर पर पूरी की जा सकेंगी।
यह परियोजना नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड और जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी द्वारा संयुक्त रूप से विकसित की जा रही है। इसके लिए सिंदी रेलवे स्टेशन के पास 150 एकड़ भूमि निर्धारित की गई है।
सिंदी रेलवे स्थित ड्राई पोर्ट के माध्यम से विदर्भ के कपास, कपास की गांठें, कपड़ा और संतरे को मुंबई ले जाए बिना कोलकाता के हल्दिया मार्ग से सीधे बांग्लादेश भेजा जा सकेगा। इस व्यवस्था से प्रति कंटेनर परिवहन लागत लगभग 1.5 लाख रुपये से घटकर 1 लाख रुपये होने की उम्मीद है।
इससे विदर्भ क्षेत्र के किसानों और व्यापारियों को आर्थिक लाभ मिलेगा। नागपुर-वर्धा जिले की सीमा पर विकसित किए जा रहे इस मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा वित्तीय प्रावधान किए गए हैं। इसे सिंदी रेलवे के ड्राई पोर्ट से जोड़ा जाएगा।