

Nagpur Fadnavis Acupuncture Experience: नागपुर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि एक्यूपंक्चर उपचार पद्धति से असंख्य मरीजों को विभिन्न बीमारियों से राहत मिली है। लगभग 23-24 वर्ष पहले जब वे स्वयं पीठ दर्द से पीड़ित थे, तब इसी उपचार पद्धति से उन्हें स्वस्थ होने में सहायता मिली थी। उन्होंने कहा कि इस चिकित्सा पद्धति के विस्तार तथा इसके शैक्षणिक विकास के लिए महाराष्ट्र सरकार निरंतर प्रयासरत है और सरकारी स्तर पर किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।
वे डॉ. बाबासाहब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में आयोजित नेशनल कान्फ्रेंस ऑन एक्यूपंक्चर-एक्यूकान 2026 के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे। इस अवसर पर महाराष्ट्र काउंसिल ऑफ एक्यूपंक्चर के डॉ. रूमी बेरामजी, इंडियन सोसाइटी ऑफ मेडिकल एक्यूपंक्चर के अध्यक्ष डॉ. रमन कपूर, डॉ. नारायण नवले, डॉ. प्रदीप गुहा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
सीइंग इज बिलीविंग सीएम ने कहा कि 'सीइंग इज बिलीविंग' अर्थात जिसे हम अपनी आंखों से प्रत्यक्ष देखते हैं, उस पर हमारा विश्वास और अधिक दृढ़ हो जाता है। एक्यूपंक्चर भी ऐसी ही अनुभव आधारित उपचार पद्धति है, जिसकी प्रभावशीलता का अनुभव स्वयं मरीज करते हैं।
उन्होंने कहा कि यह एक होलिस्टिक चिकित्सा पद्धति है और सरकार इसकी उपयोगिता को महत्व देती है। इस क्षेत्र के सामने मौजूद चुनौतियों से वे भली भांति परिचित हैं और राज्य सरकार पूरी क्षमता के साथ इन समस्याओं के समाधान के लिए कार्य करेगी। डॉ. बेरामजी ने कहा कि सीएम ने एक्यूपंक्चर चिकित्सा पद्धति को प्रतिष्ठा दिलाने तथा इसे शैक्षणिक मान्यता प्रदान करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
समय-समय पर इस क्षेत्र की समस्याओं को समझते हुए शासन स्तर पर आने वाली बाधाओं को दूर करने में सहयोग किया। उनके सहयोग के कारण ही आज महाराष्ट्र में 4,500 से अधिक पंजीकृत एक्यूपंक्चर विशेषज्ञ अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
उन्होंने बताया कि इनमें लगभग 60 प्रतिशत महिलाएं है, जो गर्व का विषय है। डॉ. रमन कपूर ने भी एक्यूपंक्चर के विकास के लिए महाराष्ट्र सरकार द्वारा किए गए प्रयासों और सहयोग की सराहना की।