नागपुर में कल से शुरू होगी शीत सत्र की गहमागहमी, सत्ता-विपक्ष आमने-सामने, इन मुद्दों पर मचेगा हंगामा

Nagpur Winter Session: नागपुर में 8 दिसंबर से शीत सत्र की गहमागहमी तेज। मंत्री-संतरी कल पहुंचेंगे। विपक्ष ओबीसी आरक्षण, निकाय चुनाव और आपदा राहत पर सरकार को घेरने की तैयारी में।
Nagpur Winter Session: नागपुर में 8 दिसंबर से शीत सत्र की गहमागहमी तेज। मंत्री-संतरी कल पहुंचेंगे। विपक्ष ओबीसी आरक्षण, निकाय चुनाव और आपदा राहत पर सरकार को घेरने की तैयारी में।
नागपुर विधानभवन (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Maharashtra Politics: 2 दिन बाद 8 दिसंबर से उपराजधानी में शुरू होने वाले शीत सत्र की गहमागहमी पूर्व संध्या 7 दिसंबर यानी कल से तेज हो जाएगी। 7 की दोपहर तक सरकार के मंत्री-संतरी सहित पूरा विपक्ष नागपुर पहुंच जाएगा। इसी दिन विपक्षी दल संयुक्त बैठक लेकर सरकार को किन मुद्दों पर घेरना है इसकी रणनीति बनाएंगे।

वहीं सत्तापक्ष भी विपक्ष को उसी की भाषा में जवाब देने की रणनीति तय करेगा। साथ ही सदन में रखे जाने वाले सारे विधेयकों को पारित करवाने की नीति भी तय होगी। सत्ताधारी भाजपा व सहयोगी दल जहां अपने एक वर्ष के कार्यकाल में किए गए कार्यों व योजनाओं का बखान करते हुए उत्साहित नजर आएंगे।

तो विपक्ष राज्य में चौपट कानूनी-व्यवस्था सहित विविध मुद्दों पर घेरकर चुनौती देते नजर आएगा। परंपरा के अनुरूप सत्र की पूर्व संध्या पर सत्ताधारी विपक्ष को चाय पर आमंत्रित करेंगे और पूरी संभावना है कि हमेशा की तरह विपक्ष सरकार की चाय का बहिष्कार करेगा।

ओबीसी आरक्षण, निकाय चुनाव व आपदा पर मचेगा बवाल

माना जा रहा है कि इस सत्र में ओबीसी के राजकीय आरक्षण और अतिवृष्टि से संकट में आए किसानों के मुद्दे पर बवाल मचेगा। पहले दिन 7 दिसंबर को शोक प्रस्ताव रखे जाएंगे व अन्य शासकीय कामकाज करने का प्रयास भी होगा लेकिन दूसरे दिन से विपक्ष विविध मुद्दों पर आक्रामक रुख अपनाएगा। पूरे राज्य में अतिवृष्टि-ओलावृष्टि से फसलों को भारी क्षति पहुंची है वहीं शहरी क्षेत्रों में भी सड़कों, नदी-नालों के पुलिया, सुरक्षा दीवारों सहित नागरिकों के घरों में बाढ़ से हानि पहुंची है। विपक्ष किसानों की ‘सरसकट कर्जमाफी’ की मांग पर आक्रामक हो सकता है।

तैयारी हो चुकी है पूरी

उपराजधानी में सरकार के स्वागत की पूरी तैयारी कर ली गई है। जो कुछ काम बचे हैं उनका फिनिशिंग टच चल रहा है। विधानभवन की सुरक्षा- व्यवस्था चाकचौबंद कर दी गई है। मोर्चा आदि के रास्ते व जगह निश्चित कर दी गई है। इस बार केवल एक सप्ताह का अधिवेशन होने के चलते अधिकारियों व पुलिस प्रशासन को अधिक दिनों की मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी, इसलिए वे राहत महसूस कर रहे हैं।

रविभवन व नागभवन के कॉटेजेस भी अपने मंत्री के स्वागत के लिए तैयार हैं। विधायक निवास को पूरी तरह से नया किया गया है। वहां खानपान, स्वास्थ्य, रेलवे काउंटर की सुविधा भी उपलब्ध की गई है। विधायकों के आने-जाने के लिए बसों और मंत्रियों के अमले के लिए वाहनों की पर्याप्त व्यवस्था भी हो चुकी है। कुल मिलाकर एक सप्ताह तो उपराजधानी राजधानी की तरह नजर आने वाली है।

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