Nagpur: रामटेक-पेंच में बढ़ते बाघ हमलों पर सख्ती: सुरक्षा बाड़ और 'ग्रीन जोन' बनाने के निर्देश

Nagpur Pench Human Wildlife Conflict: रामटेक-पेंच क्षेत्र में बाघों की बढ़ती गतिविधियों पर सख्ती बढ़ी है। सुरक्षा उपायों और ग्रीन जोन के विकास के निर्देश दिए गए हैं।
Nagpur: Strict Measures Amid Rising Tiger Attacks in Ramtek-Pench — Directives Issued to Erect Security Fences and Establish 'Green Zones'
रामटेक बाघ हमला( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Tiger Movement Nagpur Rural: रामटेक पेंच क्षेत्र में बाघों की बढ़ती गतिविधियों और हमलों को लेकर राज्य मंत्री एड। आशीष जायसवाल ने आक्रामक रुख अपनाते हुए सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

12 अप्रैल को सिल्लारी में आयोजित समीक्षा बैठक में मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई और तत्काल प्रभाव से प्रभावी उपाय लागू करने पर जोर दिया गया।

बैठक में मंत्री जायसवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षात्मक बाड़ लगाई जाए, जहां आवश्यकता हो वहां 'ग्रीन जोन' विकसित किए जाएं तथा नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि बाघों के बढ़ते खतरे को देखते हुए किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद माया इनवाते, जिला कलेक्टर कुमार आशीर्वाद, पुलिस अधीक्षक (नागपुर ग्रामीण) हर्ष पोतदार, वन बल प्रमुख एम.श्रीनिकसराव, मुख्य चन्यजीव वार्डन एम. श्रीनिवास रेड्डी, मुख्य वन संरक्षक एस. रमेश कुमार, नागपुर वन संरक्षक जी. गुरुप्रसाद, उप वन संरक्षक विनीता व्यास सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और नागरिक उपस्थित थे।

लोगों की मदद के लिए शुरू की जाएगी टोल-फ्री प्रणाली

आयोजित की जाएगी, जिसमें व्यापक और ठोस निर्णय लिए जाएंगे, आपात स्थिति से निपटने के लिए विशेष मोबाइल यूनिट और मंत्री ने बताया कि इस मुद्दे पर जल्द ही मुख्यमंत्री के साथ उच्चस्तरीय बैठक और उपचार उपलब्ध कराया जा सके। मेडिकल टीम गठित की जाएगी, ताकि घटनास्थल पर तुरंत पहुंचकर सहायता साथ ही नागरिकों की मदद के लिए टोल-फ्री नंबर प्रणाली भी शुरू की जाएगी।

भय कम करने उठाए जाएंगे हर संभव कदम

उन्होंने यह भी कहा कि वन क्षेत्रों के आसपास रहने वाले किसानों, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है, लोगों में भय कम करने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।

कुछ गांवों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित कैमरे लगाए जा चुके हैं और आने वाले समय में अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में भी इनकी संख्या बढ़ाई आएगी, बैठक के दौरान महाराष्ट्र वन विकास निगम (एफडीसीएम) और वन विभाग से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी चर्चा की गई, मंत्री ने निर्देश दिए कि फिलहाल किसी भी प्रकार के पेड़ न काटे जाएं और न ही नए पौधारोपण कार्य किए जाएं।

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