नागपुर मनपा में सेवानिवृत्त अधिकारियों का सत्कार बिना वरिष्ठ अफसरों के, कार्यक्रम बना चर्चा का विषय

NMC Retirement Ceremony: नागपुर मनपा में 37 कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति समारोह में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी। कार्यक्रम खत्म होने के बाद सहायक आयुक्त पहुंचे।
Felicitation of retired officials at the Nagpur Municipal Corporation held without senior officers present; the event became a topic of discussion.
वैद्यकीय अधिकारी दिपंकर भिवगडे, उप अभियंता संजय इंगले (सोर्स: नवभारत फाइल फोटो)
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Nagpur NMC Retirement Controversy: नागपुर मनपा में शुक्रवार को उस समय अजीबोगरीब स्थिति उजागर हुई जब दशकों तक सेवाएं देने के बाद सेवानिवृत्त हो रहे अधिकारियों के सत्कार का कार्यक्रम मुख्यालय में रखा गया। आलम यह था कि एक ओर महापौर और अन्य पदाधिकारियों ने स्वच्छता दूतों का सत्कार कार्यक्रम तो किया किंतु अधिकारी के रूप में सेवाएं देने वाले सेवानिवृत्त कर्मचारियों के सत्कार के लिए प्रशासन का कोई बड़ा अधिकारी उपस्थित नहीं हो सका।

उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को मनपा में कुल 37 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त हुई। इनमें अधीक्षक अभियंता रहे मनोज तालेवार और कार्यकारी अभियंता मनोज सिंह भी शामिल थे। इसी तरह से वैद्यकीय अधिकारी दिपंकर भिवगडे, उप अभियंता संजय इंगले, मुख्याध्यापिका मरियमबी शमसुन्निसा हफीज कलह भी सेवानिवृत्त हुए।

जानकारों के अनुसार आम तौर पर उच्च पद से किसी अधिकारी की सेवानिवृत्ति के दौरान सामान्य प्रशासन विभाग के किसी वरिष्ठ अधिकारी की उपस्थिति रहती है। हालांकि हाल में सामान्य प्रशासन की जिम्मेदारी लेने वाले सहायक आयुक्त सौरभ कावले तो उपस्थित हुए किंतु तब तक इन अधिकारियों का सत्कार कार्यक्रम खत्म हो चुका था। इस कार्यक्रम की चर्चा मनपा के गलियारों में चलती रही।

अधिकारी नदारद, सेवानिवृत्त अधिकारियों ने एक-दूसरे को दी विदाई

सूत्रों के अनुसार उच्च अधिकारियों की अनुपस्थिति के चलते सामान्य प्रशासन के तहत कार्यरत अन्य विभाग की ओर से कार्यक्रम की शुरुआत की गई। किसी भी उच्च अधिकारी के आने की संभावना दिखाई नहीं देने पर शुरुआत में सेवानिवृत्त हो रहे अधिकारियों के हाथों से ही एक दूसरे का सत्कार कराया गया, बाद में सहायक आयुक्त की उपस्थिति होने के बाद सत्कार की खानापूर्ति की गई।

सूत्रों के अनुसार आम तौर पर शिक्षा विभाग में कोई भी कार्यक्रम आयोजित होने पर शिक्षा विभाग समिति सभापति की उपस्थिति देखी जाती रही है किंतु शुक्रवार को उनकी अनुपस्थिति भी काफी चर्चा में रही।

सत्तापक्ष के साथ घमासान रहा कार्यकाल

जानकारों के अनुसार अधीक्षक अभियंता रहे मनोज तालेवार का कार्यकाल काफी विवादों के घेरे में रहा। गत 15 वर्षों से मनपा की सत्ता में रहे भाजपा के साथ उनके रिश्तों को लेकर भी काफी गहमागहमी रही। सत्तापक्ष के साथ उनका पूरा कार्यकाल काफी घमासान भरा रहा।

बताया जाता है कि पूर्व महापौर रहे भाजपा के एक वरिष्ठ नेता (वर्तमान विधायक) की ओर से कई बार अधीक्षक अभियंता के खिलाफ कड़े निर्देश भी दिए गए। यही कारण रहा कि शुक्रवार को उनकी विदाई समारोह के दौरान अधिकारी और पदाधिकारियों की अनुपस्थिति देखी गई।

ठेकेदारों ने भी बनाई दूरी

  • आम तौर पर मनपा में इंजीनियरों और ठेकेदारों के मधुर संबंधों को लेकर चर्चाएं होते रहती हैं किंतु शुक्रवार को नजारा कुछ इसके विपरीत देखा गया।
  • अजीबोगरीब स्थिति यह रही कि लगभग 3 दशकों तक सेवाओं के दौरान ठेकेदारों से संबंधित होने के बावजूद अधीक्षक अभियंता मनोज तालेवार के विदाई समारोह के दौरान या उसके बाद मिलने से कई ठेकेदारों ने दूरी बनाए रखी।
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