कर्ज के बोझ तले दबेगी मनपा? पोहरा नदी प्रकल्प के लिए 400 करोड़ के लोन की तैयारी, 4 वित्तीय संस्थान आए आगे

Nag Nadi Prakalpa Nagpur: नागपुर मनपा नाग नदी प्रकल्प के लिए 200 करोड़ के बॉन्ड और पोहरा नदी के लिए 400 करोड़ का कर्ज लेगी। जानें 2,884 करोड़ के इन प्रोजेक्ट्स का पूरा बजट।
Nagpur Municipal Corporation will issue bonds worth 200 crore rupees for the Nag River project and a loan of 400 crore rupees for the Pohra River.
नाग नदी (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Pohara River Revival: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के महत्वाकांक्षी प्रकल्प नाग नदी को लेकर भले ही कई तरह के दावे किए जा रहे हो किंतु जमीनी स्तर पर इन दावों के अनुसार कोई काम होता दिखाई नहीं दे रहा है। बहरहाल नाग नदी प्रकल्प में महानगरपालिका का हिस्सा देने के लिए प्रशासन 200 करोड़ रुपए के बॉन्ड जारी करने की तैयारी कर रहा है।

1,927 करोड़ लागत के नाग नदी प्रकल्प में नागपुर महानगरपालिका को 15 प्रतिशत का वित्तीय योगदान देना है। इसके अनुसार महानगरपालिका को 304 करोड़ रुपए लगाने होंगे। एक ओर जहां नाग नदी प्रकल्प को पूरा किया जाना है वहीं दूसरी ओर 957 करोड़ के पोहरा नदी प्रकल्प को भी अंजाम देना है।

जानकारों की मानें तो सिटी में भले ही विकास का डंटा पीटा जा रहा हो किंतु प्रकल्पों में अपनी हिस्सेदारी देने के लिए मनपा की तिजोरी में पैसा नहीं है। ऐसे में ये प्रकल्प कब तक पूरे होंगे? इसे लेकर प्रश्नचिह्न लगा हुआ है।

पोहरा नदी के लिए 400 करोड़ का लेंगे कर्ज

जानकारी के अनुसार एक ओर जहां नाग नदी प्रकल्प में अपने हिस्से की निधि देने के लिए 200 करोड़ के बॉन्ड जारी करने का प्रयास है वहीं दूसरी ओर पोहरा नदी में भी अपना हिस्सा देने के लिए मनपा प्रशासन ने 400 करोड़ का वित्तीय लोन लेने का निर्णय लिया है, हाल ही में महानगरपालिका ने कर्ज के लिए वित्तीय संस्थानों से ईओआई (एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट) मंगाया था। बताया जाता है कि मनपा की ओर से मंगाए गए ईओआई में 4 वित्तीय संस्थानों ने इच्छा जताई है जिससे पोहरा नदी के लिए 400 करोड़ का कर्ज जुटाने में किसी तरह की बाधा भले ही न हो किंतु महानगरपालिका पर इससे कर्ज का बोझ निश्चित ही बढ़ेगा।

बजट में प्रावधान नहीं

सूत्रों के अनुसार केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के महत्वाकांक्षी प्रकल्प नाग नदी के लिए हाल ही में पेश किए गए केंद्रीय बजट में कोई निधि नहीं रखी गयी, जबकि 1,927 करोड़ के इस प्रकल्प के लिए महानगरपालिका ने भी आगामी बजट में केवल 200 करोड़ का ही प्रावधान किया है।

विशेषतः केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 295.64 करोड़ का प्रावधान किया था, जबकि वित्तीय वर्ष 2026-27 में कोई प्रावधान नहीं है। प्रकल्प में वित्तीय प्रावधान के अनुसार केंद्र सरकार की ओर से 60 प्रतिशत 1,115 करोड़, राज्य सरकार से 25 प्रतिशत 507 करोड़ और मनपा की ओर से 15 प्रतिशत 304 करोड़ रुपए का वित्तीय बोझ उठाना है।

प्रशासन का मानना है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में नाग नदी प्रकल्प का कितना काम होगा? यह कहा नहीं जा सकता है। फिलहाल 200 करोड़ का प्रावधान किया जा रहा है जिसमे से आवश्यकता अनुसार खर्च किया जा सकेगा।

केंद्र से 13 प्रश का बूस्टर डोज

बताया जाता है कि नाग नदी के लिए मनपा द्वारा जारी होने वाले 200 करोड़ के बॉन्ड के लिए सरकार की ओर से कोई गारंटी नहीं ली गई है। बॉन्ड जारी करने से पहले मनपा की वित्तीय स्थिति और कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा। भले ही बॉन्ड जारी करने के लिए गारंटी न मिली हो लेकिन केंद्र सरकार ने 12 प्रतिशत का बूस्टर डोज (वित्तीय छूट) देने को मंजूरी दी है जिसके अनुसार मनपा को 24 करोड़ का लाभ होगा।

पोहरा नदी योजना की विस्तृत रिपोर्ट (डीपीआर) को 957.01 करोड़ की लागत पर स्वीकृति दी गई। इसकी फंडिंग में केंद्र सरकार (25%), राज्य सरकार (25%) और मनपा (50%) की संयुक्त भागीदारी है।

योजना के बुनियादी ढांचे के मुख्य घटकों में 366 किमी का नया सीवेज नेटवर्क बिछाना और 173 किमी पुरानी लाइनों को बदलना शामिल है। इसके अतिरिक्त, पैकेज-1 के तहत 45 एमएलडी क्षमता का एक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बनाया जाएगा। यह योजना मुख्य रूप से दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण नागपुर के क्षेत्रों जैसे हुडकेश्वर और नरसाला पर केंद्रित है।

  • नवभारत लाइव पर नागपुर से ललेन्द्र करवाड़े की रिपोर्ट
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