

Nagpur Politics Update:नागपुर विधान परिषद चुनाव के लिए नागपुर से संजय भेंडे ने अपना नामांकन दाखिल किया। इस दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, प्रदेशाध्यक्ष रवीन्द्र चव्हाण, राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले भी उपस्थित थे। भेंडे के रूप में अब एक और विधायक नागपुर को मिलने वाला है। पहले तो उम्मीदवार कौन होगा? इसे लेकर नागपुर में राजनीतिक चर्चाओं से माहौल काफी गर्म था।
ऐसे में भाजपा ने संजय भेंडे के नाम की घोषणा कर दी। पूर्व विधायक संदीप जोशी, डॉ. राजीव पोतदार और शहर अध्यक्ष दयाशंकर तिवारी के नाम आगे चल रहे थे लेकिन अंतिम समय में लिए गए इस फैसले से राजनीतिक हलकों में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
दिया राजनीतिक संदेश इस निर्णय को केवल एक उम्मीदवार की घोषणा के रूप में नहीं बल्कि पार्टी के स्पष्ट राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। पिछले कुछ समय से नागपुर भाजपा में नितिन गडकरी और देवेंद्र फडणवीस के गुटों को लेकर चचर्चा हो रही थी लेकिन भेंडे को उम्मीदवार बनाकर पार्टी ने यह संदेश दिया है कि गुटचाजी के लिए कोई जगह नहीं है और संगठन एकजुट है।
अब संजय भेडे के रूप में शहर को एक और विधायक मिलने जा रहा है। भेंडे वर्तमान में भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष हैं और सहकार तथा बैंकिंग क्षेत्र में उनका प्रभाव मजबूत माना जाता है। वे नागपुर नागरिक सहकारी बैंक के संचालक रह चुके हैं।
इसके अलावा एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया और विदर्भ अर्बन को-ऑप। बैंक एसोसिएशन में विशेषज्ञ संचालक के रूप में उन्होंने कार्य किया है। साथ ही महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक, नेशनल फेडरेशन ऑफ अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक्स और को-ऑपरेटिव बैंक ऑफ इंडिया भी उनकी भागीदारी रही है।
उनकी सौम्य और संतुलित नेतृत्व शैली सभी गुटों को स्वीकार्य मानी जाती है, इसलिए पार्टी ने उन पर भरोसा जताया है। सहकार क्षेत्र के अनुभव और संगठनात्मक कार्यों की पृष्ठभूमि को देखते हुए अन्य दिग्गजों के नामों को पीछे छोड़कर भेंडे का चयन किया गया है।
इस फैसले से नागपुर भाजपा में आंतरिक मतभेद की चर्चाओं पर बड़ा विराम लगा है और आने वाले समय में संगठन को और मजबूत करने के लिए यह निर्णय महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।