BJP की नीता ठाकरे बनीं नागपुर की नई मेयर, लीला हाथीबेड का उपमहापौर पद पर कब्जा

NMC Mayor Electionn: नागपुर नगर निगम में भारतीय जनता पार्टी ने अपना दबदबा बरकरार रखते हुए महापौर पद पर कब्जा कर लिया है। नीता ठाकरे ने भारी बहुमत से जीत दर्ज कर महायुति का किला सुरक्षित रखा।
NMC Mayor Election Nita Thackeray Become The New Mayor Of Nagpu
नागपुर की नई मेयर नीता ठाकरे व डिप्टी मेयर लीला हाथीबेड (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Nita Thakre Become The New Mayor Of Nagpur: महाराष्ट्र की उपराजधानी नागपुर के नगर निगम (NMC) में सत्ता का नया समीकरण स्पष्ट हो गया है। शुक्रवार, 6 फरवरी 2026 को हुए चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की नीता ठाकरे ने शानदार जीत हासिल करते हुए नागपुर की आठवीं महिला महापौर बनने का गौरव प्राप्त किया है। इस चुनाव ने न केवल भाजपा के वर्चस्व को साबित किया, बल्कि शहर के नेतृत्व में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पर भी मुहर लगा दी है।

मतदान का गणित और विपक्षी हार

महापौर पद के लिए हुए इस मुकाबले में सीधा मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच था। चुनाव के अंतिम परिणामों के अनुसार, नीता ठाकरे को कुल 104 मत प्राप्त हुए, जबकि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की उम्मीदवार स्नेहल ठाकरे को मात्र 36 मतों से संतोष करना पड़ा। इस जीत में 11 तटस्थ सदस्यों की भूमिका अत्यंत निर्णायक रही, जिन्होंने मतदान के अंतिम परिणामों को प्रभावित किया। भाजपा की इस एकतरफा जीत ने विपक्ष के समीकरणों को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है।

उपमहापौर पद पर भी भाजपा का कब्जा

महापौर के साथ-साथ उपमहापौर पद पर भी भाजपा ने अपनी पकड़ मजबूत रखी। लीला हाथीबेड नागपुर की नई उपमहापौर चुनी गई हैं। उन्होंने भी नीता ठाकरे के समान ही 104 मत हासिल किए। यहाँ भी तटस्थ गुट का समर्थन भाजपा के पक्ष में गया, जिससे लीला हाथीबेड की राह आसान हो गई। शहर के राजनीतिक इतिहास में यह एक विशेष क्षण है जब महापौर और उपमहापौर दोनों महत्वपूर्ण पदों पर महिलाओं का कब्जा है।

नया नेतृत्व और विकास का रोडमैप

पदभार ग्रहण करने के बाद, नवनियुक्त महापौर नीता ठाकरे ने अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया है। उन्होंने शहर के व्यापक विकास पर जोर देते हुए स्वच्छता अभियान को तेज करने, बुनियादी ढांचे (Civic Infrastructure) में सुधार लाने और नागरिक सेवाओं की पहुंच को बेहतर बनाने का वादा किया है। ठाकरे ने नागपुर को एक 'स्मार्ट और सुरक्षित शहर' बनाने के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण के लिए नई पहल शुरू करने की भी प्रतिबद्धता जताई है।

वहीं, उपमहापौर लीला हाथीबेड ने शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने की बात कही है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि नगर निगम का कामकाज जन-केंद्रित होगा और नागरिकों की शिकायतों का तुरंत समाधान किया जाएगा। इस नई 'महिला जोड़ी' के नेतृत्व से नागपुर के निवासियों में शहर के विकास, स्वच्छता और बेहतर सुविधाओं को लेकर नई उम्मीदें जगी हैं।

नागपुर की राजनीति में आए इस बड़े बदलाव की चर्चा पूरे शहर में है। जानकारों का मानना है कि दो महिला नेताओं के हाथ में कमान होने से शहर के विकास कार्यों में संवेदनशीलता और तेजी आएगी। फिलहाल, पूरे नागपुर में भाजपा खेमे में जश्न का माहौल है और नए प्रशासन से ठोस प्रगति की उम्मीद की जा रही है।

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