

Nagpur NGO Harassment Case: महाराष्ट्र की उपराजधानी नागपुर के मानकापुर इलाके से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां समाज सेवा की आड़ में महिलाओं का शोषण किया जा रहा था। मानकापुर पुलिस ने छेड़खानी के मामले में एक एनजीओ संचालक को गिरफ्तार किया है। वह अपनी ही संस्था में काम करने वाली महिला कर्मचारियों को प्रताड़ित कर रहा था।
एक युवती ने उस पर छेड़खानी का आरोप लगाया है। वहीं अन्य युवतियों ने उसपर अलग-अलग तरह के आरोप लगाएं हैं। पकड़ा गया आरोपी नागपुर के नशेमन सोसाइटी, अनंतनगर निवासी रियाज फाजिल काजी (48) बताया गया।
पुलिस ने 23 वर्षीय पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज किया है। रियाज काजी झिंगाबाई टाकली में यूनिवर्सल मल्टिपर्पज सोसाइटी नाम से एनजीओ चलाता है। उसके कार्यालय में 5-6 युवतियां काम करती हैं। पीड़िता भी उसके कार्यालय में एचआर मैनेजर है। रियाज की उस पर बुरी नजर थी। पिछले दिनों पीड़िता का जन्म दिन था। रियाज ने उसे इच्छा के विरुद्ध अपने केबिन में बुलाया। बधाई देते हुए बिना इजाजत उसे गले लगा लिया और माथे पर घूमने लगा।
पीड़िता इससे असहज हुई और केबिन से बाहर चली गई। इसके बाद भी रियाज उसे किसी बहाने से केबिन में बुलाता और हग करने का प्रयास करता था, लेकिन पीड़िता ने उसका विरोध किया।
तब से रियाज का पीड़ित्ता के प्रति स्वभाव बदल गया। वह पीड़िता के बारे में आपत्तिजनक बातें कर बदनाम करने लगा। रियाज ने अपने और पीड़िता के नाम को मिलाकर इंस्टाग्राम पर आईडी तैयार की। इस आईडी के जरिए वह पीड़िता और बाकी लड़कियों की गतिविधियों पर निगरानी करता था।
पीडिता बदनामी और नौकरी के डर से उसकी हरकतों को नजरंदाज कर रही थी, लेकिन रियाज की हिम्मत बढ़ती जा रही थी। पीड़िता की छोटी बहन भी उसी के कार्यालय में काम करती है। रिवाज उस पर रोजा रखने और अपने हिसाब से दुआ करने के लिए दबाव डालता था, लेकिन वह नहीं मानी, साथ काम करने वाली अन्य लड़कियों ने भी पीड़िता को रियाज की शिकायत की। आखिर पीड़िता अपने 3 सहकर्मियों के साथ मानकापुर थाने पहुंची। इंस्पेक्टर हरीश कालसेकर ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए तत्काल महिला अधिकारी के जरिए जांच पड़ताल करवाई।
कुछ समय पहले रियाज की आपतिजनक हरकती के कारण एक युवती ने नौकरी छोड दी थी। यह भी पुलिस से शिकायत करने वाली है। पुलिस ने रियाज को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। अदालत ने उसे 23 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में रखने के आदेश दिए।