

Nagpur Tax Compliance Violation: नागपुर आयकर विभाग ने नागपुर क्षेत्र के लगभग 60 व्यक्तियों के पास करीब 100 करोड़ रुपये की ऐसी विदेशी संपत्ति का पता लगाया है, जिसकी जानकारी टैक्स रिटर्न में नहीं दी गई थी। इस अघोषित संपत्ति में मुख्य रूप से यूरोपीय कंपनियों के शेयर, बैंक जमा और अमेरिका में किए गए निवेश शामिल हैं।
पकड़ी गई संपत्ति में यूरोप और अमेरिका के वित्तीय बाजारों में निवेश, शेयर और विदेशी बैंक खाते शामिल हैं। नियम और दंडः भारतीय नियमों के अनुसार नागरिकों को अपने आयकर रिटर्न में सभी विदेशी संपत्तियों का खुलासा करना अनिवार्य है।
ऐसा न करने पर संपत्ति के मूल्य और प्रकार के आधार पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार इन संपत्तियों का पता विदेशी कर अधिकारियों की रिपोर्टिंग प्रणाली के माध्यम से चला, जो भारतीय नागरिकों द्वारा विदेशों में किए गए निवेश का डेटा साझा करते हैं।
आयकर विभाग विभिन्न व्यावसायिक संगठनों के साथ मिलकर जागरूकता अभियान चला रहा है, जिसमें करदाताओं से अपनी संपत्तियों को स्वेच्छा से घोषित करने का आग्रह किया जा रहा है।
हाल ही में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 20 लाख रुपये तक की कुल विदेशी संपत्ति के गैर-खुलासे के लिए एक 'इम्यूनिटी स्कीम' (छूट योजना) की घोषणा की है।
सूत्रों का कहना है कि जिन लोगों के पास 20 लाख रुपये तक की अघोषित विदेशी संपत्ति है, उन्हें इस योजना की विस्तृत गाइडलाइंस आने के बाद राहत दी जा सकती है।
यदि संपत्ति का मूल्य निर्धारित सीमा से अधिक है और उसका खुलासा नहीं किया गया है, तो संबंधित व्यक्तियों को सख्त कानूनी कार्रवाई और जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।