नागपुर न्यायदंडाधिकारी कोर्ट का बड़ा फैसला: युवक की मौत के आरोपी को जेल, जुर्माना न भरने पर अतिरिक्त कैद

Nagpur Hit and Run: नागपुर की अदालत ने हिट एंड रन मामले में युवक की मौत के आरोपी को 6 महीने की जेल और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अन्य धाराओं में भी दंडित किया गया।
Major verdict by Nagpur Magistrate Court: Accused in youth's death sent to jail; additional imprisonment for failure to pay fine.
नागपुर, हिट एंड रन, कोर्ट, सजा,(सोर्स: एआई फोटो)
Published on: 
Updated on: 

Nagpur Hit Run Conviction: नागपुर प्रथम वर्ग न्यायदंडाधिकारी एएन जगताप की कोर्ट ने हिंट एंड रन मामले में युवक की मौत के आरोपी लिंगा, तहसील कलमेश्वर निवासी गोपाल नामदेवराव खेडकर (25) को दोषी करार दते हुए 6 महीने कारावास ओर 25,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न भरने पर एक महीने की अतिरिक्त जेल भुगतनी होगी।

इसके अलावा बीएनएस की धारा 279 और 338 के तहत दोषी पाये जाने पर 1-1 महीने की जेल और 1000-1000 रुपये का जुर्माना भी ठोका गया। जुर्माना न भरने पर क्रमशः 15 दिन और 1 महीने का अतिरिक्त कारावास होगा। वहीं धारा 177 के तहत 500 रुपये आर्थिक दंड, दंड न भररने पर 5 दिन की जेल भुगतनी होगी।

क्या है मामला?

मामला 20 सितंबर 2015 को दोपहर 2:30 बजे का है। साईबाबानगर, खरवी निवासी कृष्णा दौलतरावजी चाफले (49) ने पुलिस को अपनी शिकायत में बताया कि वह अपने ऑटोरिक्शा से आवारी चौक से भांडेवाड़ी की ओर जा रहे थे।

इसी दौरान फ्लाईओवर पर भांडेवाड़ी चौक से आ रही टाटा सूमी के चालक गोपाल ने लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए दोपहिया वाहन को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। इससे दोपहिया वाहन पर सवार करण मनोहर विजयकर (25) का संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे फ्लाईओवर से नीचे गिरकर बुरी तरह जख्मी हो गया।

इसके बाद भी गोपाल नहीं रुका और फिर उसने एक कार (एमएच31/एएच-3510) को टक्कर मार दी। उधर, करण को तुरंत मेयो ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

10 साल बाद हिट एंड रन आरोपी को सजा

पुलिस ने हिट एंड रन समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर अगले ही दिन 21 सितंबर को आरोपी गोपाल को अरेस्ट कर लिया। 10 वर्ष से अधिक चली सुनवाई के बाद गोपाल को दोषी करार दिया गया।

एएसआई मोवाल ने कोर्ट में चार्जशीट पेश की। सरकारी वकील एड। मीनाक्षी करारे और बचाव पक्ष से एड। अनिल राय ने पैरवी की। शुभागी सावंत और शिल्पा ईटनकर ने कोर्ट का कामकाज देखा।