

Nagpur Doctor Complaint: नागपुर के रहने वाले डॉ. संदीप शिरखेडकर ने राजधानी एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 22692) में अपनी हालिया यात्रा के दौरान हुए कटु अनुभव को लेकर रेल मंत्री को एक खुला पत्र लिखा है।
डॉ. शिरखेडकर का आरोप है कि ट्रेन के फर्स्ट क्लास एसी कोच में एक सह-यात्री के पालतू कुत्ते की मौजूदगी के कारण उनकी पूरी यात्रा कष्टदायक रही। उन्होंने पत्र में कहा है कि वातानुकूलित कोच में कुत्ते की दुर्गंध के कारण सांस लेना मुश्किल हो गया था।
कुत्ता पूरी यात्रा के दौरान भौंकता रहा, जिससे न केवल उनकी नींद खराब हुई, बल्कि प्रीमियम श्रेणी में मिलने वाली शांति भी भंग हुई। कुत्ते के आक्रामक व्यवहार और भौंकने से कोच में मौजूद बुजुर्गों और बच्चों में भय का माहौल बना रहा।
डॉ. शिरखेडकर ने तर्क दिया है कि रेलवे के नियमों के अनुसार एसी फर्स्ट क्लास में पालतू जानवर को ले जाने के लिए सह-यात्रियों की सहमति अनिवार्य है। उन्होंने दावा किया कि उनसे इस बारे में कोई सहमति नहीं ली गई थी। जब उन्होंने ड्यूटी पर तैनात टीटीई से शिकायत की तो टीटीई ने असमर्थता जताते हुए कहा कि वह इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर सकते।
रेल मंत्री को लिखे पत्र में उन्होंने कहा है कि असुविधा के लिए ट्रेन का पूरा किराया तुरंत वापस किया जाए। रेलवे बोर्ड पालतू जानवरों के साथ यात्रा करने के नियमों की दोबारा समीक्षा करे।
पालतू जानवरों के साथ यात्रा करने वालों के लिए एक अलग कोच चलाया जाए। डॉ. शिरखेडकर ने स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दीर्घकालिक प्रभावों और मानसिक परेशानी का हवाला देते हुए रेलवे प्रशासन से उचित मुआवजे और जवाबदेही की मांग की है।