

Bharat Banait Nagpur Boy Delhi NEET Protest: देश की राजधानी दिल्ली में नीट (NEET) परीक्षा विवाद और शिक्षा में अव्यवस्थाओं को लेकर जारी छात्रों के आंदोलन के बीच नागपुर के एक जांबाज युवा भरत बनैत का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की कार्रवाई के दौरान "मारो सर, मारो..." चिल्लाते दिख रहे भरत बनैत की हिम्मत की देश भर में चर्चा हो रही है।
घटना के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए नागपुर निवासी भरत बनैत ने अपनी आपबीती सुनाई और अपना संकल्प दोहराया कि वे पुलिस के दमन से डरने वाले नहीं हैं और जब तक जिम्मेदार अधिकारियों का इस्तीफा नहीं हो जाता, वे आंदोलन स्थल से नहीं हटेंगे।
एबीपी माझा से बात करते हुए भरत बनैत ने बताया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पुलिस और आरएएफ के जवानों ने अचानक उन्हें घेर लिया। भरत ने कहा, "शुरुआत में 10 से 15 जवान मुझे बेरहमी से पीटने लगे। फिर देखते ही देखते 25 से 30 लोगों ने मिलकर मुझे मारना शुरू कर दिया। मैंने कोई गलत काम नहीं किया था, इसलिए मैंने हिम्मत से कहा, 'मारो सर, मारो...'। अगर मैंने कोई हिंसा की है, तो दिल्ली पुलिस मुझे वीडियो दिखाए।"
भरत ने खुलासा किया कि मौके पर मौजूद मीडिया के कैमरामैन और पत्रकारों ने बीच-बचाव किया और उन्हें पुलिस के चंगुल से बाहर निकाला, वरना उनकी जान भी जा सकती थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान जवानों ने उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया।
आंदोलन में शामिल होने का कारण बताते हुए भरत बनैत ने कहा कि वे आम परिवारों के बच्चों की शिक्षा के हक की लड़ाई लड़ने दिल्ली आए हैं। देश में बढ़ती महंगाई और महंगी होती शिक्षा पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा, "आज के दौर में 15 से 20 हजार रुपये कमाने वाला एक आम पिता अपने बच्चों की 1.5 से 2 लाख रुपये की स्कूल और कोचिंग फीस कैसे भरेगा? सरकारी शैक्षणिक संस्थानों का बुरा हाल है और निजी संस्थान लूट मचा रहे हैं।"
भरत बनैत ने अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि वे एक सच्चे भारतीय के रूप में अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे हैं और किसी भी तरह के पुलिसिया दबाव या डर के आगे नहीं झुकेंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया, "मैं यहीं डटा रहूंगा और न्याय मिलने तक पीछे नहीं हटूंगा। जब तक संबंधित मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और जिम्मेदार अधिकारी अपना इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक नागपुर और महाराष्ट्र के युवा दिल्ली की सड़कों पर डटे रहेंगे।" इस वायरल वीडियो और भरत के बयान के बाद पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।