नागपुर एयरपोर्ट को फिर मिली बम से उड़ाने की धमकी, ई-मेल ने मचाया हड़कंप

नागपुर एयरपोर्ट को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिली है। यह धमकी एएआई को ई-मेल से मिली है। बीते 2 महीनों के भीतर तीसरी बार मेल कर एयरपोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। 6 दिन पहले भी नागपुर सहित देश के 40 एयरपोर्ट को मेल कर बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी।
Nagpur airport bomb threat
नागपुर एयरपोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी
Published on: 
Updated on: 

नागपुर. महाराष्ट्र के नागपुर एयरपोर्ट को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिली है। यह धमकी एएआई को ई-मेल से मिली है। 6 दिन पहले भी नागपुर सहित देश के 40 एयरपोर्ट को मेल कर बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। सोमवार को खबर मिलते ही हवाई अड्डे के अधिकारियों ने तुरंत सोनेगांव पुलिस स्टेशन को सूचित किया। इसके बाद फायर ब्रिगेड, बम निरोधक दस्ता, सीआईएसएफ, डॉग स्क्वायड और पुलिस ने पूरे हवाई अड्डे की तलाशी ली लेकिन बम जैसी कोई चीज नहीं मिली। ई-मेल कहां से आया और किसने किया, इसकी जांच की जा रही है।

2 माह में तीसरी बार मेल

बीते 2 महीनों के भीतर तीसरी बार मेल कर एयरपोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। पहला मेल एयरपोर्ट डायरेक्टर को 29 अप्रैल की सुबह मिला था, जिसके बाद एयरपोर्ट प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। वहीं दूसरा मेल पिछले सप्ताह 18 जून को एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को मिला था। अभी उन धमकियों की जांच खत्म हुई भी नहीं थी कि एक बार फिर से 24 जून को एयरपोर्ट को मिली इस तरह की धमकी ने प्रशासन को सकते में डाल दिया है। लाउंज सहित एयरपोर्ट की सूक्ष्म जांच की गई लेकिन कुछ भी संदिग्ध बैग, बम या वस्तु नहीं मिली। धमकी की सूचना मिलते ही सीआईएसएफ सतर्क हो गया।

इस बार भी निकली अफवाह

सुरक्षा कारणों से मुंबई, दिल्ली समेत अन्य शहरों से आने वाली उड़ानों की गहनता से जांच की जा रही है। इसके अलावा हवाई अड्डों के सभी क्षेत्रों सहित पार्किंग क्षेत्र में रखे वाहनों की भी जांच की गई। हवाई अड्डे की सीमा से बाहर भी गश्त की जा रही है। पुलिस जांच में लगी हुई है। गहनता से निरीक्षण करने के बाद कहीं कुछ नहीं मिला। इस बार भी दी धमकी अफवाह निकली। बावजूद इसके हवाई अड्डे की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। पुलिस और सीआईएसएफ इसे गंभीरता से लेते हुए जगह-जगह चेकिंग कर रही है। पुलिस की साइबर टीम ई-मेल भेजने वाले को तलाश रही है। बैगेज स्क्रीनिंग को और भी अधिक कड़ा कर दिया गया है। संदिग्ध लोगों पर निगाह रखने के लिए अलग से जवान तैनात किए जा रहे हैं।